जागरण सोनभद्र : जिला अस्पताल के हालात ठीक नहीं हैं। वह भी, उस समय जब होली के हुड़दंग में कई लोगों की मौत, घायल व अन्य रोगी पहुंचे थे। जिला अस्पताल में तैनात 35 से अधिक चिकित्सकों की तैनाती में महज आठ चिकित्सक ही मौजूद रहे। रोगी परेशान रहे और विशेषज्ञ चिकित्सकों की खोज करते रहे।

दैनिक जागरण की टीम होली के एक दिन बाद बुधवार को जिला अस्पताल में चिकित्सा व उपचार का जायजा लिया। हालात चिताजनक रहे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रात: 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. प्रमोद प्रजापति मौजूद रहे और उन्हें रोगी घेरे थे। ज्यादातर चिकित्सकों के कक्ष खाली रहे। 35 से अधिक तैनात चिकित्सकों में प्रमोद प्रजापति के अलावा डा. एसएस पांडेय, राजेंद्र यादव, एके गरौटिया, राजेंद्र प्रसाद, पीके सिंह, बीके श्रीवास्तव के अलावा महिला चिकित्सक मौजूद रहीं। पैरा मेडिकल स्टाफ की भी लापरवाही उजागर हुई। बुधवार को अस्पताल के ओपीडी का संचालन महज दोपहर 12 बजे तक ही रहा, बावजूद इसके तमाम चिकित्सक मौजूद नहीं रहे। टाल गए सीएमएस

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीबी गौतम से उपस्थिति के बारे में जानकारी ली गई तो वे अपने कक्ष में बुलाने लगे। वजह जो भी हो, लेकिन उन्होंने अतत: इसकी जानकारी नहीं दी। बताया गया कि उपस्थिति पंजिका गुम हो गई है और डाक्टर एक सादे पन्ने पर हाजिरी भर रहे हैं।

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