सीतापुर : बिसवां में कोटरा फीडर की आपूर्ति रविवार रात को गुल हुई और करीब 20 घंटे तक बहाल नहीं हो सकी। इससे फीडर से जुड़े रहे करीब 50 गांव प्रभावित हुए। रात में आपूर्ति शुरू हुई तो लो वोल्टेज की समस्या ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया। इसे लेकर ग्रामीणों ने अपने गांव में ही विरोध जताया है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस फीडर पर आए दिन यह समस्या आती रहती है, अभी एक सप्ताह पहले जर्जर तार बदलने के चक्कर में करीब एक सप्ताह आपूर्ति बाधित रही। क्षेत्र में तार काफी जर्जर हैं, मगर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजली गुल होने से सोमवार रात इटारी में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और कहा अगर जल्द ही समस्या का समाधान न हुआ तो इसकी शिकायत एसडीएम लहरपुर से करेंगे। कोटरा फीडर बंद होने से त्यौला, त्यौलापुरवा, शंकरपुर, सजनापुर, कटरा, इटारी सहित करीब 50 गांवों की आपूर्ति बाधित रही। गांव के अनुपम, राजेश, छोटू, नितेश व सौरभ ने बताया कि रात करीब 7 बजकर 40 मिनट पर आपूर्ति शुरू हो गई है। इसमें पंखा व अन्य उपकरण भी सही से नहीं चल सकते। एसडीओ विशाल शर्मा ने बताया कि बारिश के चलते फीडर बंद किया गया था और जहां-जहां पर समस्या आई थी, उसे दुरुस्त कराया गया है, फिलहाल आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

मुख्य लाइन में ब्रेकडाउन, 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप

रामकोट : हुसैनगंज से आने वाली मुख्य लाइन में ब्रेकडाउन से बिजली आपूर्ति रविवार की दोपहर से लगातार ठप चल रही है। इसके चलते रामकोट बिजली उपकेंद्र क्षेत्र के लगभग 12 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। रविवार की दोपहर 2 बजे अचानक बिजली चली गई थी। इसके बाद सोमवार की दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। 24 घंटे बिजली न आने व बारिश के चलते उमस भरी गर्मी में लोग परेशान रहे। बिजली उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया मुख्य लाइन में फाल्ट की वजह से आपूर्ति बाधित हुई है। कर्मचारी लगातार पेट्रोलिग कर रहे हैं। फाल्ट खोजा जा रही है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से रामकोट, अरथाना, जैतीखेरा, व इंदरौली फीडर के गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित चल रही थी। लोग बिजली आने की जानकारी करने के लिए कर्मचारियों के नंबर मिलाते रहे। जेई अमित यादव ने बताया अभी तक फाल्ट नहीं मिला है। लगातार बारिश के कारण पेट्रोलिग प्रभावित हो रही है। फाल्ट मिलने के बाद ही मरम्मत होगी, तभी आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

Edited By: Jagran