सीतापुर: सहालग का दौर चल रहा है। ऐसे में सब्जियों की डिमांड है। ऐसे में इसके ऊंचे दाम लोगों को परेशान कर रहे हैं। आमजन की जेब पर इसका असर पड़ रहा है। थोक व फुटकर मंडी में सब्जी के दामों में भी काफी अंतर है।

मंडी के बाहर गलियों में सब्जियां पहुंचते ही महंगी बिकने लगती है। सब्जी की कीमत में बढ़ोत्तरी से शादी में महंगाई का तड़का लगने से वर व वधू दोनों पक्ष ही नहीं बल्कि आमजन भी परेशान हैं। जो सब्जी सामान्य दिनों में सस्ती दर पर मिलती है उसके मूल्य इस समय आसमान छू रहे हैं। दिसंबर के दूसरे पखवारे में सुधरेंगे हालात

सब्जी के थोक विक्रेता दिन्नू जायसवाल का कहना है कि हरी सब्जी की पैदावारी उतनी नहीं है जितनी खपत है। इस वजह से सब्जी महंगी है। दिन्नू का कहना है सब्जी का मूल्य दिसंबर के दूसरे पखवारे में समान्य होने की उम्मीद की जा सकती है। दिसंबर में मटर स्थानीय व आसपास जिलों से आएगी तो मूल्य समान्य हो सकते हैं।

ये है सब्जी का मूल्य

सब्जी थोक फुटकर

आलू पुराना 36 40

आलू नया 36 40

गोभी 15 20

मटर 60 70-80

प्याज 30-35 38-40

लहसुन 70-80 100

पालक 8-10 15

मिर्च 25-30 35-40

हरी धनियां 25-30 35-40

शिमला मिर्च 30-32 40

मशरूम 20 पैकेट 25 पैकेट

Edited By: Jagran