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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

27 गांवों में होगी हरियाली, आएगी खुशहाली

By JagranEdited By:
Published: Fri, 12 Nov 2021 11:56 PM (IST)

कठिना का होगा जीर्णोद्धार। नदी का जल प्रवाह वर्षभर होने से तटवर्ती गांवों का सुधरेगा जीवनस्तर। वन क्षेत्र व फल पट्टी का होगा विकास मिलेंगे रोजगार के साधन।

27 गांवों में होगी हरियाली, आएगी खुशहाली
27 गांवों में होगी हरियाली, आएगी खुशहाली

कठिना नदी के जीर्णोद्धार की जिला प्रशासन ने रूपरेखा तैयार की है। कठिना में जल प्रवाह सामान्य होने पर 27 से ज्यादा गांवों को सीधे लाभ होगा। इन गांवों की सात हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि के लिए सिचाई के पानी का अभाव नहीं रहेगा। इससे 148 हेक्टेयर बंजर भूमि पर भी हरियाली आएगी। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी के जीर्णोद्धार की योजना में ग्राम्य विकास, कृषि, मत्स्य, उद्यान, सिचाई समेत अन्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।

सीडीओ ने बताया कि कठिना नदी महोली, पिसावां व मिश्रिख क्षेत्र से निकलकर मिश्रिख के लोहारखेड़ा गांव के पास गोमती नदी में समाहित होती है। वर्षा ऋतु में ही कठिना नदी में जल प्रवाह होता है, जबकि अन्य मौसम में नदी में सूखे की स्थिति आ जाती है। नदी के आसपास करीब 8,160 हेक्टेयर क्षेत्रफल समस्या ग्रस्त है।

सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी के लिए बनी कार्य योजना में प्रारंभिक कार्य हो गए हैं। ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्राम पंचायतवार प्रस्ताव बने हैं। नदी के आसपास बड़े कार्य संबंधित ग्राम पंचायत से मनरेगा के तहत हो रहे हैं। कृषि क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण भी हो गया है। अन्य विभागों ने भी कार्य शुरू कराया है।

कठिना के जीर्णोद्धार से इन गांवों का भी सुधरेगा जीवनस्तर :

गांव बांसी, रामनगर, इस्लामनगर, अबदीपुर, चिराहुला, पहाड़ी, गुझिया, हदीरा, अनंतापुर, रमुआपुर, ठकुरेपुर, भिठौरा, मुस्तफाबाद, खम्हरिया, कपसा, हरनीकलां, तेंतुआ, डुडावल, वृंदावन, डिघरा, मनिकापुर, गड़ासा, सतनापुर, हुसैनपुर, रामपुर भूड़ा, लोहारखेड़ा व दधनामऊ।

गांवों के तालाबों में रहेगा पानी :

सीडीओ ने बताया कि कठिना नदी के तटवर्ती गांवों में से दधनामऊ, सतनापुर, इस्लामनगर, हुसैनपुर व हदीरा ऐसे गांव हैं, जहां तालाबों का रकबा सर्वाधिक है। दधनामऊ गांव में 12.523 हेक्टेयर तालाब का क्षेत्रफल हैं। सतनापुर में 11.265 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब हैं। इसी तरह अन्य गांवों में तालाब हैं। कठिना का जलस्तर सुधरने का इन गांवों को लाभ मिलेगा। कठिना नदी के संरक्षण से महोली, पिसावां व मिश्रिख ब्लाक के तटवर्ती गांवों को उसका सीधा लाभ मिलेगा। जलागम क्षेत्र के लोगों के जीवनस्तर में सुधार आएगा। भूगर्भ जल में वृद्धि होगी। ग्रामीणों के बीच रोजगार के भी साधन जुटेंगे। नदी के जलग्रहण क्षेत्र में पेड़-पौधों का अभाव नहीं रहेगा।