सीतापुर : घाघरा व शारदा नदियों का जलस्तर स्थिर है, लेकिन कटान का सिलसिला तेज हो गया है। बुधवार को नदी म्योड़ी छोलहा व श्रीरामपुरवा के बीच खेत व सड़क का तेजी से कटान कर रही थी। शारदा नदी की कटान में म्योड़ी छोलहा से श्री रामपुरवा जाने वाली करीब 250 मीटर से अधिक डामरीकृत सड़क कटकर बह गई। वहीं, 12 मीटर सीसी सड़क भी कटकर समाप्त हो गई।

नदी की धारा म्योड़ी छोलहा के ईसा व सलीम के घरों का कटान कर रही है। सफीउद्दीन, नफीस ,रियाजउद्दीन, सद्दाम हुसैन, हामिद अली, अलीशेर, मोहम्मद हुसैन, आवेश, असलम, लालू, रामू, विनोद, राजकुमार, कंधई, रमेश, केशव राम, आशाराम, बृजलाल, वीरेंद्र, शरीफ, मुख्तार, रामविजय, लालजी, अनवर आदि करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों के घर कटान की कगार पर हैं। कटान के भय से ग्रामीण अपने घरों को उजाड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का कटान काफी तेज गति से हो रहा है।

सिचाई विभाग ने जो बचाव कार्य कराए थे, वे नदी में बह गए। गोलोक कोड़र के दुर्गापुरवा में घाघरा नदी कहर बरपा रही है। घाघरा नदी घरों के सामने जमीन का कटान कर रही थी। नदी के मुहाने पर आने वाले ग्रामीण अपने घरों को उजाड़कर पलायन कर रहे हैं। म्योड़ी छोलहा से जटपुरवा जाने वाले संपर्क मार्ग पर छह मीटर बना नाला बाढ़ के पानी से कट गया था। जिसके चलते करीब एक दर्जन ग्रामीणों के घरों का आवागमन बाधित है। ग्रामीणों ने बांस बल्ली व पटरा लगाकर निकलने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है।

तहसीलदार बिसवां अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि म्योड़ी छोलहा पहुंचकर कटान का जायजा लिया है। बोरी व बंबू क्रेट लगाकर कटान से बचाव का उपाय किया जा रहा है। वहीं, जिन लोगों के घर नदी में कट चुके हैं, लेखपाल से सर्वे कराकर उन्हें सहायता राशि दी जाएगी। राजस्व कर्मियों को सक्रिय किया गया है।

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