सीतापुर में भारी बारिश से विद्युत व्यवस्था चरमराई, लगातार 5वें दिन गुल रही 1845 गांवों की बिजली
सीतापुर में लगातार बारिश और तेज हवा के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। खंभों की कमी के चलते पांचवें ...और पढ़ें

HighLights
लगातार बारिश-हवा से सीतापुर की बिजली व्यवस्था हुई बेपटरी।
खंभों की कमी से 1845 गांवों में पांचवें दिन भी अंधेरा।
बाढ़ के पानी से दस मुहल्लों की बिजली आपूर्ति भी ठप।
जागरण संवाददाता, सीतापुर। लगातार बारिश और तेज हवा से लाइन व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने और खंभे टूटने 26 सितंबर को जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई थी। स्टोर में खंभों की पर्याप्त पलब्धता न होने से पांचवे दिन भी करीब 1845 गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने आसपास जिलों में खंभों के लिए संपर्क किया है।
बारिश और आंधी के दौरान जिले के वितरण खंडों में बिजली के खंभे धराशायी हो गए। सबसे अधिक नुकसान बिसवां वितरण खंड में हुआ जहां 800 से अधिक खंभे टूटे हैं। सीतापुर वितरण खंड में सबसे कम करीब 220 खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं।
अन्य वितरण खंडों में भी बड़ी संख्या में खंभे, तार, इंसुलेटर और ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। मुख्य अभियंता आरके सिंह ने महमूदाबाद वितरण खंड का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल के लिए निर्देश दिए। टीम पेट्रोलिंग कर फाल्ट तलाशने और क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी हैं। कई जगह पेड़ों की डाल और तने बिजली लाइनों पर गिरने से आपूर्ति बाधित हुई है। खंभे जहां टूटे हैं वहां नए खंभे लगाने के बाद ही लाइन चालू हो सकेगी।
स्टोर से दिए गए 400 खंभे
सहायक अभियंता स्टोर वांक्षित शुक्ल ने बताया कि विभिन्न वितरण खंडों को चार दिनों में 400 खंभे दिए गए हैं। स्टोर में 200 खंभे स्टोर में है। वितरण खंडवार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आसपास जिलों से भी खंभों की मांग की गई है।
दस मुहल्लों की काटी गई बिजली
बाढ़ के पानी से दस मुहल्लों की आपूर्ति बंद की गई है। अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि नदी का पानी मुहल्लों में आने से लोनियनपुरवा, केशवग्रीन सिटी, तरीनपुर, आलमनगर, दुर्गापुरवा, मछलीमंडी, गदियाना सहित आदि मुहल्लों में ट्रांसफार्मर डूब गए हैं। इसके चलते सप्लाई बंद कर दी गई है।
नए खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने के साथ लाइन को खींचा जा रहा है। गुरुवार को सभी स्थानों पर आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
-ललित कृष्ण, अधीक्षण अभियंता
