सीतापुर में हाईवे किनारे सिधौली में बनेगा हेलीपैड, साढ़े छह बीघा जमीन अधिग्रहीत
सीतापुर के सिधौली में अहमदपुर जट के पास हाईवे किनारे हेलीपैड बनाने के लिए साढ़े छह बीघा जमीन अधिग्रहीत की ...और पढ़ें

HighLights
सिधौली में हाईवे किनारे हेलीपैड के लिए जमीन अधिग्रहीत की गई।
यह हेलीपैड जिले की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
आपातकालीन और वीवीआईपी गतिविधियों में इसका उपयोग होगा।
जागरण संवाददाता, सीतापुर। नगर से सटे अहमदपुर जट में हाईवे के किनारे हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। शासन के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने अंतिम रूप से जमीन का चिह्नित कर अधिग्रहण किया है।
इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है। यहां हेलीपैड बनने से जिले की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी। आपात स्थितियों व वीवीआइपी गतिविधियों में हेलीपैड का उपयोग हो सकेगा।
शासन से सिधौली में हेलीपैड निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी गई थी। इसको लेकर तहसील प्रशासन ने बरेठी, कमलापुर, कसमंडा, बाड़ी, धर्मपुर, हमीरपुर में जमीन देखी थीं। नागरिक विमानन महानिदेशालय की तकनीकी जांच में भूमि उपयुक्त न होने के चलते उन्हें निरस्त कर दिया गया था।
इसके बाद नगर से सटे अहमदपुर जट में जमीन देखी गई। जांच में यह जमीन उपयुक्त पाई गई है। हाईवे किनारे की इस जमीन पर हेलीपैड बनने से आवागमन भी सुगम होगा।
चिह्नित की गई जमीन करीब साढ़े छह बीघा (0.529 हेक्टेयर) है। यह भूमि हाईवे के पास होने के साथ ही समतल भी है। आसपास किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। हेलीकाप्टर के उतरने और उड़ान भरने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
रिजर्व होगी हेलीकॉप्टर उतरने की जगह
हेलीपैड बनने से हेलीकाप्टर के लिए एक निश्चित स्थान सुनिश्चित हो जाएगा। अब तक हेलीकाप्टर गांधी महाविद्यालय की जमीन पर उतरते रहे हैं। सुरक्षित स्थान तय होने से शैक्षिक गतिविधियां बाधित नहीं होंगी। हेलीपैड का उपयोग आपात स्थितियों के अलावा राहत बचाव कार्य से लेकर वीआइपी गतिविधियों के लिए भी हो सकेगा। इससे पूर्व नैमिषारण्य में पर्यटन निगम हेलीपोर्ट का निर्माण करा चुका है।
हेलीपैड निर्माण के लिए अहमदपुर जट में हाईवे के किनारे जमीन को सुरक्षित कर लिया गया है। यह जमीन जांच में उपयुक्त पाई गई है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर प्रेषित की गई है। आवश्यक प्रक्रिया के बाद हेलीपैड का निर्माण शुरू हो जाएगा।
अवनीश कुमार, उपजिलाधिकारी सिधौली।
