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सीतापुर में संकट: 20 बीघा जमीन कटी और हजारों एकड़ फसलें जलमग्न, 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा

Published: Mon, 27 Jul 2026 10:53 PM (GMT+05:30)

बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सीतापुर में घाघरा और शारदा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कटान और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

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HighLights

  1. बैराजों से पानी छोड़े जाने से नदियों का जलस्तर बढ़ा।

  2. बेहटा में 20 बीघा जमीन कटी, 20 एकड़ खेत डूबे।

  3. सीतापुर के 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा।

जागरण टीम, सीतापुर। बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम अब भी जारी है। रविवार की रात 3,016,33 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। घाघरा (सरयू) शारदा के जलस्तर आंशिक रूप से वृद्धि हुई है। नदियों की दूरी खतरे के निशान से काफी कम रह गई है।

घाघरा नदी 1.63 व शारदा नदी 0.59 मीटर नीचे बह रही है। इस समय कटान के साथ बाढ़ का भी खतरा बढ़ने लगा है। बेहटा में 20 बीघा जमीन कट चुकी है।

रामपुर मथुरा क्षेत्र में करीब बीस एकड़ खेतों में पानी भर गया है, जबकि 15 गांवों के अंदर घुसने वाला है। रेउसा में भी दस गांवों से नदी की दूरी सौ मीटर तक ही बची है।

रामपुर मथुरा: घाघरा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी से करीब 20 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। किसानों दिनेश, नारायण, हजारी और मिश्री ने बताया कि उनके खेतों में पानी पहुंच चुका है। यदि एक-दो दिन के भीतर पानी नहीं उतरा तो धान सहित अन्य फसलें सड़ सकती हैं। इसके अलावा 15 गांवों के किनारे तक बाढ़ का पानी धीरे-धीरे पहुंच रहा है। प्यारेपुरवा में फूलचंद, फूलचंद्र, गजराज और कैलाश के घरों के चारों तरफ पानी भरना शुरू हो गया है।

बेहटा: शारदा नदी का कटान जारी है, खानामरोड़ गांव में 20 बीघा जमीन कट चुकी है। गांव की आबादी भी गांव वालों के मुताबिक 20 मीटर की दूरी पर है। सरोज, विनोद का कहना है इतना सब होने के बाद अभी तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आया है।

मानपुर मल्लापुर, व रहमान के पुरवा मे भी जमीन जमीन का आंशिक कटान चल रहा है, जबकि बरेती मे दो वर्ष पहले बनी परियोजना क्षतिग्रस्त हो जाने पर सिचाई विभाग बोरिया व बंबू क्रेट्स डाल रहा है।

रेउसा: घाघरा नदी और गांवों के बीच की दूरी भी 100 मीटर ही शेष है। गार्गी पुरवा, निर्मल पुरवा, आशाराम पुरवा, सोमवारी पुरवा, लोध पुरवा, ठेकेदार पुरवा में बाढ़ का भय है।

बाढ़ क्षेत्र के लिए कंट्रोल रूप स्थापित

बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी डा. राजा गणपति आर ने क्षेत्र में नावों, पीएसी की टीम, आपदा मित्रों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा तीनों तहसीलों के अधिकारियों को नजर रखने के लिए कहा है। जिला आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ हीरालाल ने बताया कि जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए टोलफ्री नंबर जारी 05862, 245753 जारी किया है। इस पर ग्रामीण शिकायत कर सकेंगे।

खाना मरोड़ में कटान की सूचना अभी नहीं मिली है। सिंचाई विभाग से जानकारी कर रहा हूं। मौके पर जाकर स्थिति को देखता हूं।

-मनीष त्रिपाठी, तहसीलदार, लहरपुर।