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सीतापुर में खतरे के निशान के करीब सरयू, 15 गांव पानी से घिरे और दो सौ बीघा फसल जलमग्न

Published: Tue, 18 Aug 2026 07:55 PM (IST)

सीतापुर में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे रामपुर मथुरा के 15 गांवों के 35 ...और पढ़ें

रेउसा के चहलारी के पास खेतों में भरा बाढ़ का पानी: जागरण

रेउसा के चहलारी के पास खेतों में भरा बाढ़ का पानी: जागरण

HighLights

  1. सरयू नदी खतरे के निशान के करीब, जलस्तर बढ़ा।

  2. रामपुर मथुरा के 15 गांवों में पानी भरा, फसलें डूबीं।

  3. बाढ़ प्रभावितों को लंच पैकेट, तिरपाल और नावें मिलीं।

जागरण टीम, सीतापुर। बैराजों से सोमवार की रात 4,59,519 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सरयू (घाघरा) नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। जलस्तर 119 मीटर के सापेक्ष 118.80 मीटर पर पहुंच गया है, जोकि खतरे के निशान से सिर्फ .20 मीटर ही नीचे है। शारदा नदी 135.49 मीटर से 0.54 मीटर नीचे बह रही है।

सरयू का पानी रामपुर मथुरा के 15 गांवाें के 35 घरों में भर गया है, जबकि 120 बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। बेहटा में खाना मरोड़ गांव से शारदा नदी की दूरी सौ मीटर ही बची है। रेउसा में भी हालात काफी चिंता जनक हैं यहां 80 बीघा से अधिक फसल पानी में डूब गई है।

रामपुर मथुरा: सरयू का पानी अंगरौरा, लोधन पुरवा, नागेश्वर पुरवा और प्यारे पुरवा गांवों में प्रवेश कर गया है। बेलदार, रामू, फूलचंद, रामस्वरूप, बंगाली, मनोज, सागर, मिश्री, संतोष, रामनारायण और सर्वेश समेत करीब 35 घरों में पानी भर गया है। बचऊ पुरवा और नागेश्वर पुरवा के ग्रामीण गृहस्थी का सामान लेकर तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं।

ग्रामीण प्रवेश, ननकऊ और दयाराम ने बताया कि घरों में पानी भर जाने के कारण नाव के सहारे गृहस्थी का सामान लेकर तटबंध पर जा रहे हैं। तहसील प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को लंच पैकेट और तिरपाल का वितरण किया जा रहा है।

बाबा कुटी, निरंजन पुरवा, सोती पुरवा, मोती पुरवा, फतेह पुरवा और मिश्रन पुरवा समेत करीब 15 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। करीब 120 बीघा फसल भी प्रभावित है।

बेहटा: खानामरोड़ बौर शारदा नदी के बीच महज सौ मीटर की दूरी बची है। ग्रामीणों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग की टीम बम्बू क्रैट्स डाल रही है। ग्रामीण प्रमोद, विश्राम, किशोरी, शम्भू आदि ने बताया कि खेतों में पानी भरा है। धान व गन्ने की फसल खराब हो जाएगी, लखनीपुर व मानपुर के बीच भी आंशिक कटान जारी है। यहां ग्रामीण रामकुमार, हरद्वारी, दिनेश कुमार ने बताया कि अब तक के करीब 30 बीघे से अधिक फसल कट चुकी है।

रेउसा: सरयू नदी का पानी तटवर्ती गांवों में लोगों को जानवरों के चारे के लिए परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। रामलाल पुरवा के मनोज यादव, विनोद कुमार ने बताया कि गांवों व खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से जानवरों के चारे की समस्या बनी हुई है। धान गन्ना की फसलों में पानी भरा हुआ है। गोहनियां तथा जंगल टपरी के पास नाले में बाढ़ का पानी भरा हुआ है।

राजस्वकर्मी प्रभावित क्षेत्र में लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। आवागमन के लिए नाव लगा दी गई है।

-अनिल कुमार राम, तहसीलदार, बिसवां।



बेहटा के खाना मरोड़ के पास कटान की आशंका रहती है। उसको समय रहते ठीक कर लिया जाएगा।

-सुधीर कुमार, सहायक अभियंता सिंचाई

 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक हजार लंच पैकेट व 145 तिरपाल वितरित किया गया है। 38 नावें और एक मोटर बोट लगाई गई है।

-उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार महमूदाबाद

बैराजों की स्थिति

बनबसा

1,17,912 क्यूसेक

शारदा

1,35,054 क्यूसेक
गिरजा 2,06,553 क्यूसेक