दीवार की सजावट से लेकर योगा सीट तक, बुनकरों के हुनर का बजा डंका; अंतरराष्ट्रीय बाजार में छाई सीतापुर की दरी
सीतापुर में आयोजित क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में बुनकरों के हुनर ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को आकर्षित किया। पारंपरिक दरी अब दीवार की ...और पढ़ें
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HighLights
बुनकरों के हुनर ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का ध्यान खींचा।
दरी अब दीवार की सजावट और योगा सीट के रूप में।
सीतापुर की पारंपरिक दरी को मिली वैश्विक बाजार में पहचान।
दुर्गेश द्विवेदी, सीतापुर। “\वाव! व्हाट ए पर्श... सी, दिस इट्स परफेक्ट फार वाल डेकोरेशन।” शिक्षण संस्थान में आयोजित क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में स्टालों का निरीक्षण करते हुए विदेशी खरीदारों के मुंह से निकले ये शब्द बुनकरों के हुनर की कहानी बयां कर रहे थे। किसी की नजर दीवार की सजावट के लिए तैयार उत्पादों पर ठहर गई तो कोई आकर्षक पर्श और कुशन को निहारता रहा।
योगा सीट, पावदान और सजावटी उत्पादों ने भी खरीदारों का ध्यान खींचा। यहां दरी सिर्फ फर्श पर बिछाने वाला उत्पाद नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनकर उभरी। स्टालों पर सजे रंग-बिरंगे उत्पादों की बनावट, डिजाइन और उपयोगिता ने देशी-विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया। जापान, फिनलैंड, जर्मनी, इजरायल, दक्षिण अफ्रीका, पनामा, सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों के खरीदारों ने उत्पादों में रुचि दिखाई।
वहीं, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से आए खरीदार भी बुनकरों की कारीगरी के कायल नजर आए। अब तक दरी को मुख्य रूप से फर्श पर बिछाने वाले मैट के रूप में ही देखा जाता रहा है, लेकिन सम्मेलन में प्रदर्शित उत्पादों ने इसकी संभावनाओं का नया दायरा सामने रखा।
पारंपरिक बुनाई को आधुनिक जरूरतों और सजावट के अनुरूप ढालकर बुनकरों ने दरी को पेश किया। घर की दीवारों की सजावट से लेकर योगाभ्यास और रोजमर्रा के इस्तेमाल तक, इन उत्पादों में उपयोगिता के साथ आकर्षण भी दिखाई दिया। सम्मेलन का उद्घाटन सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने किया।
खरीदारों की दिलचस्पी ने संभावनाओं को किया रेखांकित
स्टालों पर खरीदारों की दिलचस्पी ने स्थानीय बुनकरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं को भी रेखांकित किया। पारंपरिक कला में नए प्रयोग और बदलती पसंद के अनुरूप तैयार उत्पाद जिले की दरी को नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम साबित हो सकते हैं।
100 रुपये से लेकर सात लाख तक के उत्पाद
सम्मेलन में 100 रुपये से लेकर सात लाख तक के उत्पाद हैं। पावदान जहां 100 रुपये में बिक रहा है, वहीं दरी की कीमत सात लाख तक है। हैंडलूम के उत्पादों के डिजाइन खरीदारों को भा रहे हैं।
