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सीतापुर में 55 वर्ष बाद घंटाघर से हटा शहर कांग्रेस कार्यालय, प्रशासन ने जड़ा ताला

Published: Sun, 23 Aug 2026 04:48 AM (GMT+05:30)

सीतापुर में 55 वर्षों से घंटाघर में चल रहे शहर कांग्रेस कार्यालय को तहसील प्रशासन और नगर पालिका ने खाली कराकर ताला लगा दिया है।

55 वर्ष बाद घंटाघर से हटा शहर कांग्रेस कार्यालय।

55 वर्ष बाद घंटाघर से हटा शहर कांग्रेस कार्यालय।

HighLights

  1. 55 वर्षों बाद सीतापुर कांग्रेस कार्यालय घंटाघर से हटाया गया।

  2. प्रशासन ने जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्यालय को खाली कराया।

  3. उच्च न्यायालय ने कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया था।

संवाद सूत्र, सीतापुर। तहसील प्रशासन व नगर पालिका परिषद ने शनिवार सुबह शहर के घंटाघर के कमरे में 55 वर्षों से संचालित शहर कांग्रेस कार्यालय को खाली कराकर ताला लगा दिया है।

पांच अगस्त को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की ओर से जारी नोटिस के विरुद्ध पार्टी ने उच्च न्यायालय में शरण ली थी, वहां याचिका खारिज होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।

चरणबद्ध तरीके से इस तरह चला कार्रवाई का दौर

नगर पालिका ने चार जुलाई को नोटिस जारी की थी। कांग्रेस कमेटी ने नौ जुलाई को जवाब जारी किया, जोकि नगर पालिका परिषद को 13 जुलाई को मिला। जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण कर नजूल भूखंड संख्या 244/1 पर बने इस ऐतिहासिक घंटाघर भवन के प्रथम तल पर शहर कांग्रेस कार्यालय संचालित पाया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने परिसर से कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। जवाब में कांग्रेस कमेटी ने 1972 से किरायेदारी और तत्कालीन सरकार की ओर से आवंटन का दावा पेश किया।

जांच कराने पर पता चला कि अभिलेखागार में कांग्रेस ने आखिरी बार छह फरवरी 1971 को मात्र 320 रुपये जमा कराए थे। पार्टी अपने पक्ष में कोई भी वैध पट्टा या इकरारनामा पेश नहीं किया।

जिला प्रशासन के निर्देश पांच अगस्त को नगर पालिका की ओर से 15 दिन में कब्जा छोड़ने की नोटिस दी गई थी। इस पर पार्टी ने उच्च न्यायालय की शरण ली। जहां से याचिका खारिज कर दी गई। सुबह तहसील प्रशासन व नपा की टीम ने कार्यालय का बोर्ड हटाते हुए कमरे में अपना ताला लगा दिया।

करीब 15 दिन पहले कांग्रेस कार्यालय खाली करने की नोटिस दी गई थी। कांग्रेस ने न्यायालय में शरण ली, जहां से याचिका खारिज हो गई। समय सीमा पूरी होने के बाद कब्जा ले लिया गया है। -डॉ. जनार्दन, एसडीएम सदर।

यहां भी की जा चुकी कार्रवाई

  • 30 अप्रैल को रंपा महल को प्रशासन ने कब्जे में लिया।
  • 19 मई को रानी कोठी को प्रशासन ने कब्जे में लिया।
  • 22 जून को टाउन हाल में सपा कार्यालय हटाकर प्रशासन ने भूमि कब्जे में ली।
  • 29 जून को अशरफ मंजिल की पांच एकड़ भूमि के कब्जेदारों को नोटिस जारी की है।
  • आठ जुलाई को शिवपुरी में प्लाइवुड (पूर्व कंटोनमेंट) की 25 बीघा भूमि के कब्जेदारों को नोटिस दी गई।
  • 10 जुलाई मिशनरी परिसर में नजूल की 35 बीघे भूमि से कब्जा हटाया गया।
  • 20 अगस्त सिविल लाइन में चित्रा बैंक्वेट हाल के निकट नजूल भूमि पर नोटिस चस्पा की।