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मधुमक्खी पालन: सीतापुर में उद्यमिता और स्वरोजगार का सशक्त माध्यम, कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में कार्यक्रम आयोजित

Published: Fri, 11 Sep 2026 08:06 AM (GMT+05:30)

सीतापुर के कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सहयोग से मधुमक्खी पालन पर एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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HighLights

  1. कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण आयोजित।

  2. वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन से आय व स्वरोजगार के अवसर।

  3. शहद उत्पादन के साथ उत्पादों के विविधीकरण पर जोर दिया गया।

जागरण संवाददाता, सीतापुर। कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सहयोग से एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, ग्रामीण युवाओं एवं मधुमक्खी पालकों को वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन की नवीन तकनीकों, प्रबंधन, परागण सेवाओं, मधुमक्खी उत्पादों के विविधीकरण से अवगत कराना था।

मुख्य अतिथि राधेश्याम प्रसाद ने कहा कि मधुमक्खी पालन को फसल उत्पादन के साथ एकीकृत कर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं। शहद एवं मधुमक्खी उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता सुधार और विपणन के माध्यम से ग्रामीण रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं।

केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. दया शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन अपेक्षाकृत कम भूमि में संचालित करने वाला उद्यम है। मधुमक्खी पालन को केवल शहद उत्पादन तक सीमित न रखते हुए इसे फसल उत्पादन, बागवानी, परागण प्रबंधन तथा मूल्य संवर्धन से जोड़ने का आह्वान किया।

जेसी तालुकदार ने मधुमक्खियों की प्रमुख प्रजातियों, उनकी जैविक विशेषताओं एवं जीवन चक्र, कालोनी की संरचना तथा आधुनिक मधुमक्खी पेटियों के वैज्ञानिक रखरखाव के विषय में बताया। राकेश कुमार सिंह ने मधुमक्खी उत्पादों के उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से उद्यमिता के नए अवसर विकसित करने के लिए जागरूक किया।

प्रगतिशील किसान योगेश कुमार ने मधुमक्खी कालोनी प्रबंधन, मौसमी चुनौतियों, शहद उत्पादन, बाजार व्यवस्था तथा मधुमक्खी पालन से प्राप्त आर्थिक लाभ के संबंध में किसानों को जानकारी दी।

समन्वयक विज्ञानी शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. सचिन प्रताप तोमर, डॉ. रीमा, डॉ. शुभम सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में किसानों, कृषि छात्रों ने प्रतिभाग किया।