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शारदा नदी का विकराल रूप, सीतापुर में 40 बीघा जमीन कटी, बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Published: Sun, 13 Sep 2026 09:33 PM (IST)

शारदा नदी में कटान तेज होने से सीतापुर के बेहटा क्षेत्र में 40 बीघा से अधिक जमीन नदी में समा गई है, जिससे कई गांव प्रभावित हुए हैं।

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HighLights

  1. शारदा नदी में कटान से बेहटा में 40 बीघा जमीन बही।

  2. बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक रोग फैल रहे, पढ़ाई ठप।

  3. प्रशासन द्वारा भोजन पैकेट वितरित, विस्थापितों को जमीन चिह्नित।

जागरण टीम, सीतापुर। बैराजों से शुक्रवार रात 3,32196 पानी छोड़ा गया। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 119.00 मीटर से 1.68 मीटर नीचे 118.40 मीटर पर है, जबकि शारदा खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर नीचे 135.49 मीटर के सापेक्ष 135.15 मीटर पर बह रही है। बेहटा के बसंतापुर व खाना मरोड़ में 40 बीघा जमीन शारदा नदी में समा गई।

बेहटा: बसंतापुर व खाना मरोड़ में करीब 40 बीघा से अधिक भूमि शारदा नदी में कट गई। खाना मरोड़ में गांव के उत्तर दिशा की ओर कटान हो रहा है। गांव के किसान हीरा सिंह, रामचंद्र, द्रोणा, विनीत तिवारी, राजू, रामनरेश, मनोज कुमार व केशव ने बताया परियोजना पर ठीक से काम नहीं होने के कारण कटान तेज होता जा रहा है।

रामपुर मथुरा: नागेश्वर पुरवा में घाघरा नदी में कल्लू के घर आधे से अधिक हिस्सा समा गया है, बिंद्रा का कटान की कगार पर है। कटान के भय से तटबंध पर रह रहे मनोहर, अमेरिका ने बताया कि प्रशासन भोजन पैकेट वितरित करा रहा है। कुन्ना पुरवा गांव में छब्बे, बेचेलाल, इद्रीश, धनीराम, गोबरे व गुन्नी देवी के घरों में बाढ़ का पानी भरा है।

गुन्नी देवी आंगनबाड़ी भवन में रह रही हैं। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर स्थाई व्यवस्था बनाए जाने की मांग की है। एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि 1260 भोजन पैकेट रोज वितरित किए जाते हैं। ग्रामीणों को बसाने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है।

स्वास्थ्य की चिंता न पढ़ाई की फिक्र

बेहटा: गांवों में संक्रामक रोग फैल रहे हैं तथा विद्यालय परिसरों में पानी भरने से पठन-पाठन भी थम गया है। रतौली के करुणाशंकर मिश्र, शिवम, दीपक, ज्ञानेंद्र, सोनी और बसंतापुर में राजू शिवानी, मोनू, जगदीश, मंजू व मुकेश बुखार से पीड़ित हैं।

दरअसल, यहां स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची है, लोग झोलाछाप के सहारे हैं। उधर, कंपोजिट विद्यालय तेजवापुर, भदफर, बसंतापुर, प्राथमिक विद्यालय चंदवासोत, मंजरी पासिन व मंजरी कारिंदा के परिसरों में पानी भरा हुआ है। वहीं, शिक्षा विभाग अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका है।

मतुवा में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। प्रभावित अन्य गांवों में दवा का वितरण कराएंगे। बाढ़ प्रभावित गांवों में सूचना प्रसारित कराई जा रही है।

-डाॅ. मनोज, सीएचसी अधीक्षक, बेहटा।

 

बाढ़ के कारण कई विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद करना पड़ा है। विद्यालय का संचालन दूसरी जगह करने की योजना है।

-सुरेंद्र प्रजापति, बीईओ बेहटा।