औरंगाबाद (सीतापुर) : गोंदलामऊ ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अशरफनगर के सिढ़ौली गांव में ग्रामीणों का गुस्सा आसमान चढ़ गया। गांव वालों ने जलभराव वाले कच्चे रास्ते पर एकत्र होकर प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जाहिर किया है।

सर्वेश, भैनू, बदलू, रामस्वरूप, किशोरी, बालकिशन आदि ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव का मुख्य मार्ग कच्चा है। बारिश के बाद अब इस मार्ग से निकल पाना मुश्किल हो गया है। कहा, इस मार्ग के संबंध में प्रधान से एक नहीं, दर्जनों बार मिन्नतें की हैं पर सुनवाई नहीं हुई है। इस मार्ग किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह से सतनू के मकान से रविदास मंदिर तक और मनोहर के मकान से झाला तक के मार्ग की दशा खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव सिढ़ौली की आबादी लगभग 1200 है। एक सैकड़ा घर हैं। गांव के अंदर के मार्ग कच्चे हैं नालियां भी नहीं बनी हैं। इसलिए घरों का पानी रास्तों पर बहता है। ग्रामीण पुष्कर भारती की शिकायत है कि चार वर्ष बीत गए हैं। गांव में सफाई कर्मी कौन है ये ग्रामीण नहीं जानते हैं, क्योंकि सफाई कर्मी कभी भी गांव आता ही नहीं है। प्रदर्शन के दौरान संतोष, मन्नूलाल, संतशरण, बब्लू, प्रेम, सुरेंद्र, मनोहर, नरेश, बालगोविद आदि ग्रामीण शामिल रहे। गांव के अधिकांश घरों में सबर्मिसबल लगे हैं। नालियों से पानी निकल नहीं पाता है। इसलिए गांव के रास्तों पर जल भराव है। मनोहर के घर से सतनू के घर तक खड़ंजा लगना था। ग्रामीणों के आपसी विवाद के कारण ही खड़ंजा नहीं लग सका है। गांव के अंदर के मार्गों के किनारे आसपास के लोग की अपने पशु बांधते हैं इसलिए गंदगी रहना स्वाभाविक भी है। रही बात सफाई कर्मी की तो वह गांव आता है सफाई करता है। पिछले पांच दिनों से रलुहापुर गांव में उसकी ड्यूटी चल रही है।

- बब्लू, प्रधान प्रतिनिधि-अशरफपुर

Posted By: Jagran

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