औरंगाबाद (सीतापुर) : शुक्रवार को कस्बे में बीस मुहर्रम का जुलूस धार्मिक परंपरा अनुसार निकाला गया। परंपरागत मार्गों से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। इससे पहले बड़ा ताजिया अकील मियां के गढ़ी चौक पर रखा गया। जिसे देखने के लिए सैकड़ों अकीदतमंद पहुंचे। इसके बाद मोनू अली के आवास से ताजिया उठाया गया। ताजिया जुलूस गढ़ी से खंगला मुहल्ला पहुंचा। यहां जुमे की नमाज के बाद ताजिया उठाया गया। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने नोहे पढ़े और इमाम हुसैन की शहादत को याद कर मातम किया। जुलूस खिन्नी, खंगला, बारादरी, किला, जोशियाना मुहल्ले होकर पुरानी बाजार पहुंचा। इसके बाद जुलूस कमईपुर पहुंचा। यहां जुलूस वापस औरंगाबाद के लिए रवाना हुआ। यहां खिन्नी पहुंचकर ताजिया रखा गया। जायरीनों ने मर्शिया व नोहे पढ़े। इसके बाद गमगीन माहौल में जुलूस कर्बला रवाना हुआ। यहां ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इसी क्रम में मछरेहटा, अरबगंज, रहीमाबाद में भी बीस मुहर्रम पर जुलूस निकाला गया। इस दौरान अकील मियां, मिर्जा दिलशाद बेग, मुनींद्र अवस्थी, उमेश पांडेय, शरीफ अहमद, सावले बेग, फुरकान बेग, शहबाज बेग आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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