सीतापुर: परिषदीय विद्यालयों व गांवों में प्रेरणा ज्ञानोत्सव मनेगा, चौपाल लगेगी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। शैक्षिक गुणवत्ता के लिए प्रत्येक परिषदीय विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां होंगी। शिक्षा सुधार के लिए होने वाली ये सभी गतिविधियां एक दो दिन नहीं बल्कि पूरे 100 दिन तक संचालित की जाएंगी। विद्यालय से लगाकर गांव की गलियों, चौराहों पर विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल बच्चों बल्कि उनके अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने यह अभियान चलाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं।

कोरोना काल के बाद खुल रहे स्कूल

पिछले एक साल से कोरोना संक्रमण के कारण प्राथमिक विद्यालय बंद हैं। बच्चों ने घर पर ही रहते हुए ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण की। अब शासन ने सभी प्राथमिक स्कूलों को खोले जाने का निर्णय लिया है। चूंकि बच्चे लगभग एक साल तक स्कूली परिवेश से दूर रहे हैं। ऐसे में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए सभी शिक्षकों को काफी मेहनत करनी होगी। शैक्षिक गुणवत्ता के लिए विद्यालय शिक्षकों के साथ-साथ एआरपी, केआरपी, एसआरजी व विद्यालय प्रबंध समिति का सहयोग लिया जाएगा।

लगेगी शिक्षा चौपाल

स्कूल खुलने पर प्रधानाध्यापक नई विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक बुलाएंगे। बैठक में स्कूल संचालन की कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। उसके बाद विद्यालय व गांवों में शिक्षण चौपाल लगाई जाएंगी। चौपाल में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए निर्धारित बिदुओं पर कार्य किया जाएगा।

अभियान के तहत होंगे कार्यक्रम

प्रेरणा लक्ष्य, प्रेरणा लक्ष्य एवं प्रेरणा तालिका, मॉड्यूल चर्चा, सहज पुस्तिका, संदर्शिका, गणित किट, शिक्षक डायरी, प्रिटरिच मैटेरियल, समृद्ध मॉड्यूल्स, पाठ योजना, पुस्तकालय, रिपोर्ट कार्ड, बाल संसद, विद्यालय प्रबंध समिति, शैक्षणिक अवधि का पुनर्निधारण, दीक्षा एवं रीड अलॉग एप, वाट्सएप क्लॉसेज, दूरदर्शन एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण, शिक्षक संकुल, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण, प्री- प्राइमरी, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम, शारदा प्रणाली, समावेशी शिक्षा, स्मार्ट क्लास का संचालन।

वर्जन

'शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रह प्रेरणा ज्ञानोत्सव के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व शिक्षकों को निर्देशित किया जाएगा। योजना के अनुसार कार्य हो इसकी पड़ताल भी की जाएगी'।

अजीत कुमार, बीएसए