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सीतापुर में बस के लिए हाईवे पर खड़े होकर करना पड़ता है इंतजार, धूप-बारिश में होती है परेशानी

Published: Sun, 25 Oct 2026 03:17 PM (IST)

महोली में बस स्टेशन न होने से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री हाईवे पर धूप-बारिश में बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं।

सुविधाओं के अभाव में महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं।

सुविधाओं के अभाव में महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं।

HighLights

  1. महोली में बस स्टेशन न होने से यात्री परेशान।

  2. धूप और बारिश में हाईवे पर करते इंतजार।

  3. परिवहन निगम से अभी तक नहीं मिली स्वीकृति।

संवाद सूत्र, महोली (सीतापुर)। तहसील मुख्यालय होने के साथ महोली विधानसभा क्षेत्र भी है। आसपास के सैकड़ों लोग प्रतिदिन महोली से ही परिवहन निगम की बसों में गंतव्य के लिए रवाना होते हैं। नगर में आज तक बस स्टेशन नहीं बन सका। लोग हाईवे पर खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। वहां छाया है और न ही बैठने के इंतजाम। धूप और बरसात में यात्रियों को दिक्कतें होती हैं।

महोली से प्रतिदिन यात्री सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, बनारस, दिल्ली, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, हरिद्वार आदि के लिए बसों में सवार होते हैं। करीब दो हजार यात्री प्रतिदिन यहां से बसों में उतरते व चढ़ते हैं। बस स्टेशन न होने से लोग सड़क पर खड़े हाेकर बसों का इंतजार करते हैं। महिलाएं, बच्चे बारिश, धूप के मौसम में परेशान होते हैं। यात्री प्रतीक्षालय होता तो बैठने, पेयजल सुविधा से लेकर प्रसाधन की भी सुविधा मिलती। महोली में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से लोग बसों पर अधिक आश्रित हैं।

रात में बाहर से निकलतीं बसें

रात के समय अधिकांश बसें बाईपास से निकलती हैं। यात्री अजय ने बताया कि बाहर से आने वाले यात्री बसों में सवार होते हैं तो रात के समय उनको परिचालक इसी शर्त पर बैठाते हैं कि बाईपास मोड़ पर उतरना होगा। मनीष ने बताया कि यात्री मजबूरी में बैठते हैं। रात में सुनसान जगह पर घटना का अंदेशा रहता है।

परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आदित्य सिंह ने बताया कि महोली में बस स्टेशन को अभी स्वीकृति नहीं मिली है। निगम से निर्देश मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।