सीतापुर : कोतवाली क्षेत्र में तेंदुआ की सक्रियता मिली है। क्षेत्र के मधवापुर और लश्करपुर गांव के पास शुक्रवार व शनिवार को जंगली जानवरों के क्षत-विक्षत शवों के अवशेष मिले। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कांबिग शुरू की। कांबिग के दौरान जो पग चिन्ह मिले, उससे तेंदुआ के होने की पुष्टि हुई। इस पर वन विभाग ने शुक्रवार की शाम मधवापुर गांव के पास पिजरा लगाया।

शनिवार को लश्करपुर गांव के पास भी पिजरा लगा दिया गया। पिजड़े में शिकार के लिए बकरी बांधी गई है। वन दरोगा सुनील त्रिपाठी, नीरज कुमार, दिलीप कुमार, अनिल यादव, प्रेम नारायण शुक्ल की टीम ने ग्रामीणों को जागरूक किया और रात में घर के बाहर अकेले न निकलने की नसीहत दी। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप अवस्थी ने बताया जंगली जानवरों का जिस तरह शिकार किया है और मौके पर जो पग चिन्ह मिले हैं, उससे तेंदुआ की आशंका है। दोनों गांवों में पिजरा लगा दिया है। वन कर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

जाली तोड़कर भाग गया था तेंदुआ

लश्करपुर से कुछ दूर बरेठी गांव के जंगल में 20 दिन पूर्व भी तेंदुआ ने जंगली जानवरों का शिकार किया था। वन विभाग ने पिजड़ा लगाया था, पिजड़े में तेंदुआ फंस गया था, लेकिन वह जाली तोड़कर भाग गया था। इस दौरान उसने दो ग्रामीणों को पंजा मार कर घायल भी कर दिया था। आशंका जताई जा रही है कि यह वही तेंदुआ है।

Posted By: Jagran

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