सीतापुर : त्रिलोकापुर में इन दिनों हर परिवार में एक-दो लोग संक्रामक रोग से परेशान हैं। बुखार, खांसी तो किसी के चेहरे पर छाले पड़ गए हैं। शनिवार दोपहर गिरीश की पत्नी रामलली की बुखार से मौत हो गई। इसके अलावा कुछ रोगी निजी क्लीनिक में भर्ती है। कई रोगी डाक्टरों के पास जाते मिले। रजिस्टरपुर मार्ग पर साइकिल सवार राम सनेही पत्नी रामदेवी की दवा लेने जा रहे थे। पैदल लाठी टेकते बुजुर्ग सुदर्शन भी दवा लेने जा रहे थे। पोता विशाल के साथ मोपेड पर सवार बुजुर्ग हरिप्रसाद ने बताया, वे भी दवा लेने जा रहे हैं। बिद्रा की पत्नी श्यामा व बिटिया गायत्री कई दिनों बुखार से परेशान है। श्रीराम की पत्नी रामश्री निजी क्लीनिक में भर्ती है।

शुक्रवार दोपहर 12 बजे किरन शुक्ला घर में चारपाई पर लेटी कराह रहीं थी। बिटिया नेहा ठंडे पानी से उनके सिर को कपड़े से पोछ रही थी। किरन के घर बेटा पंकज, राजू व पोता कार्तिक भी बुखार से परेशान है। वीरू व कोमल भी बीमार है। रामशरण व उनकी पत्नी सुनीता, बेटा शिव पूजन बीमार है। सुनीता ने बताया, बुखार है खांसते-खांसते उसका गला बैठ गया है। सुभाषिनी चारपाई पर चद्दर ओढ़े लेटी थी। बताया, बुखार से कमजोरी है। चक्कर आते हैं। पेड़ के नीचे बैठे संतोष ने कहा, उसे बुखार नहीं छोड़ रहा है उसके चेहरे पर छाले पड़ गए हैं। पत्नी संतोषी भी कई दिनों से बुखार में है।

ये भी मिले बीमार

डल्ला बाबा, गायत्री, दुलारी, दिलीप, अनीता, प्रमोद, करन व आशू, बुजुर्ग देवकी देवी, चेतराम के परिवार में शिवरानी, सुधीर, सोनू, मुस्कान, बिटान बुखार से परेशान हैं।

1100 रुपये की दवा लाए, कुछ लाभ नहीं

राम खेलावन ने बताया, पत्नी लक्ष्मी देवी, बेटे सौरभ व गौरव बुखार से परेशान हैं। गुरुवार को हुसैनगंज जाकर निजी क्लीनिक से 1100 रुपये की दवा लाए हैं।

छिड़काव कैसे कराएं कर्मी नहीं..

त्रिलोकापुर में मेडिकल टीम भेजकर 57 लोगों के आरटी-पीसीआर सैंपल कराए हैं। छिड़काव की बात है तो बेसिक हेल्थ वर्कर मनीष की ड्यूटी सीएचसी में पूरी हो गई है। अब वह जिले पर चला गया है। गांव में दवाएं बंटवाई हैं। दोबारा टीम भेजेंगे व छिड़काव की कोशिश करेंगे।

- डॉ. कुमार गौरव, अधीक्षक-सीएचसी एलिया

Edited By: Jagran