प्रदीप मिश्र, मिश्रिख (सीतापुर)

नगर पालिका परिषद प्रशासन डीएम को भी गुमराह कर रहा है। दरअसल, डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में शत-प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का दावा किया गया है। बहरहाल, विभिन्न वार्डो में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कई-कई दिन कूड़ा उठता तक नहीं है। यह स्थिति तब है, जब संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। ऐसे में साफ-सफाई और सावधानी बरतने की जरूरत ज्यादा है। वहीं, जिम्मेदार कागजी कार्रवाई पर अधिक भरोसा कर रहे हैं।

नगर के 25 वार्डो में 50 हजार से ज्यादा आबादी है। फिर भी नियमित सफाई नहीं होती। सफाई कर्मियों की मनमानी के चलते कूड़े के ढेर जगह-जगह लगे रहते हैं। सभासद की शिकायतों को भी तवज्जो नहीं मिलती। नगर पालिका के पास अभी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की कोई सुविधा ही नहीं है। ऐसे में दावों पर सवाल उठना लाजिमी है।

डीएम को भेजी गई रिपोर्ट :

ईओ ने डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में दर्शाया है कि नगर में 25 वार्ड हैं, जहां से रोजाना 0.42 मीट्रिक टन कूड़ा उठान किया जा रहा है। दावा किया गया है कि शत-प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है। वहीं, सभासदों ने इस रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है।

रन्नूपुर वार्ड नंबर एक के सभासद ऋषि वर्मा ने बताया कि नगर पालिका स्तर पर कूड़ा कलेक्शन की कोई सुविधा शुरू नहीं की गई है। डीएम को फर्जी रिपोर्टिग की जा रही है तो बहुत गलत है। वार्डो में केवल सफाईकर्मी झाड़ू लगाते हैं।

सीताकुंड वार्ड नंबर एक के सभासद विपिन मिश्रा ने बताया कि नगर क्षेत्र में सफाई की स्थिति बहुत दयनीय है। हम लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, फिर भी सफाई नहीं हो रही। ईओ से कहने के बाद भी फागिग तक नहीं कराई गई।

सीताकुंड वार्ड नंबर पांच के सभासद विपिन गुप्ता ने बताया कि कूड़ा कलेक्शन तो दूर की बात है, वार्ड में सफाई तक नियमित नहीं होती, जिसके कारण मच्छरों की भरमार है। नगर पालिका प्रशासन का रवैया बहुत खराब है। एडीएम राम भरत तिवारी ने बताया कि इस मामले की जांच कराएंगे, अगर ऐसा है और गलत रिपोर्ट भेजी जा रही है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran