सीतापुर : शारदा व घाघरा नदियों के पानी का कहर शिक्षा के मंदिर पर बरपा है। रेउसा इलाके का प्राथमिक विद्यालय फौजदारपुरवा का आधा भवन नदी की कटान में कट गया। आधा भवन कटान की कगार पर है। नदी की कटान जारी रही तो स्कूल का अस्तित्व जल्द ही समाप्त हो जाएगा। गांव का एक शिव मंदिर भी कटान की जद में है। वहीं रामपुर मथुरा ब्लाक में भी घाघरा की लहरें ग्रामीणों को डरा रही हैं। अखरी से शंकरपुरवा जाने वाली सड़क भी कट गई है।

रेउसा : नदियों की कटान ने फौजदारपुरवा गांव का अस्तित्व समाप्त कर दिया। गांव के अधिकांश घर शारदा की कटान में कट गए। बाकी बचे घरों को ग्रामीणों ने खुद ही उजाड़ दिया। मंगलवार को गांव के सत्रोहन, जनकलाल, स्नेही, राम सिंह व अरविद अपने घरों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर गए। वहीं परमेश्वरपुरवा गांव के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। गांव के कई घर कटान के मुहाने पर हैं। पासिनपुरवा गांव के 10 से अधिक घर कटान की जद में हैं। गांव के दुलारे का घर नदी की धार में समा गया। प्रधान प्रतिनिधि विनोद यादव ने बताया नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। कटान भी हो रहा है।

रामपुर मथुरा : ब्लाक इलाके के गांव अखरी पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। गांव के सभी घर कटान की जद में है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। गांव को जाने वाले रास्ते के रपटा पुल पर नदी का पानी बह रहा है। गांव के रमेश व पवन का घर नदी के पानी से घिर गया है। हेतमापुर को जाने वाला रास्ता भी कट गया है। सिचाई विभाग की ओर से कराया जा रहा बचाव कार्य भी काम नहीं आ रहा है। लेखपाल रवींद्र ने बताया कि, पिछले दिनों की उपेक्षा जलस्तर बढ़ा है। कुछ गांवों तक पानी पहुंच गया है। सहायता पहुंचाई जा रही है।

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