सीतापुर : शुक्रवार को जिला अस्पताल की तस्वीर कुछ बदली-बदली नजर आई। फर्श सीसे की तरह चमक रही थी। परिसर में चूना डालकर नया लुक देने की कोशिश की गई थी। डॉक्टर से लेकर अस्पताल का पूरा स्टॉफ का भी लुक बदला था। आप सोच रहे होंगे कि, आम दिनों में समस्याओं से कराहने वाले जिला अस्पताल में शुक्रवार को व्यवस्थाएं इतनी चुस्त-दुरुस्त कैसे और क्यों थी। ऐसे सवाल उठने लाजिमी है। आइए आपको बताते हैं कि, आखिर क्यों बदला नजर आया अस्पताल। दरअसल, शुक्रवार को नीति आयोग के सदस्य एफएसआर डॉ. वशंत पटेल 2017-18 में जिला अस्पताल के डाटा की जांच करने आए थे। वह सुबह 9:30 बजे यहां पहुंच गए थे। उनके आने की जानकारी अस्पताल प्रशासन को पहले से ही हो गई थी। यही वजह थी कि, अस्पताल की व्यवस्थाएं आम दिनों से जुदा थी। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद सदस्य ने ओपीडी, आइपीडी, ओटी समेत पूरे अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। रिकॉर्ड का सत्यापन किया। इसके बाद सीएमएस और अस्पताल के डॉक्टर के साथ करीब एक घंटे तक बैठक कर बिदुवार जानकारी जुटाई। शाम 3:30 बजे जिला अस्पताल से चले गए थे। करीब छह घंटे तक चली लंबी जांच के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी भी देखी गई। हर कोई सकते में दिखा। डॉक्टर वशंत पटेल ने बताया कि, डाटा की रिपोर्ट बनाकर एनएबीएस को सौपेंगे, इसके बाद नीति आयोग को भेजा जाएगा। ये डाटा जुटाया

2017-18 में जिला अस्पताल में कितने मरीजों की जांच हुई, कितने ऑपरेशन हुए, कितने मरीजों को दवाएं वितरित की गई, कितने का इलाज हुआ, यहां पर कौन-कौन सी सुविधाएं है, इन सुविधाओं का लाभ मरीजों को मिल रहा है या नहीं, ओपीडी में रोजाना कितने मरीज आते हैं, ये डाटा जुटाया गया है। इसलिए आए सदस्य

अभी हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट में यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बेहद खराब होने के बाद केंद्र सरकार ने हकीकत जानने के लिए क्रॉस जांच के लिए नीति आयोग को जिम्मेदारी सौंपी। इसी को लेकर आयोग के सदस्य ने जांच की। आज जिला महिला अस्पताल का नंबर

नीति आयोग के सदस्य आज जिला महिला अस्पताल पहुंचकर 2017-18 के रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे। पूरी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट बनाएंगे।

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