सीतापुर : शनिवार की भोर जबरदस्त बारिश हुई। लगातार तीन से चार घंटे तक बारिश के कारण शहर में जगह जगह जलभराव हुआ। शहर के वार्डों, गलियों, मार्गों में जलभराव ने नगर पालिका परिषद के साफ सफाई संबंधी दावों की पोल खोल कर रख दी।

पालिका परिषद की ओर से दावे किए जाते हैं कि शहर के सभी नालों व नालियों की सफाई की जा चुकी है। यह दावे एक दिन की बारिश में बेकार साबित हो गए। बारिश के कारण आमजन को अपने घरों से निकलना ही मुश्किल हो गया। अधिकांश लोग घरों में ही रहे जो निकले भी तो गंदे पानी के बीच से निकलना पड़ा। लगातार बारिश व हवा फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। हवा से गिरे गन्ने व धान को अधिक नुकसान की आशंका है। इसको लेकर किसान चिता में हैं। बेमौसम बारिश से धान की कटाई प्रभावित हो रही है। गन्ना गिरा अवश्य है, लेकिन नुकसान की गुंजाइश कम है। धान में बारिश का पानी भरा होने से कटाई नहीं हो पा रही। जो धान हवा से गिर गया है, उसके नुकसान की अधिक आशंका है। रात से लगातार बारिश व हवा ने नुकसान ही किया है। रामकोट : रात से लगातार बारिश व हवाओं से गन्ना, धान, तिल की फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को हुआ है। धान की फसल तैयार, कटाई नहीं हो रही। पानी भरा होने से गिरे धान की दाना खराब हो रहा है। पिसावां : यहां बारिश व हवा से गन्ना, धान, तिल की फसल गिर गई है। मूंगफली में पानी भरा है। किसानों ने बताया कि गन्ना व धान दोनों को काफी नुकसान हो रहा है। औरंगाबाद : लगातार बारिश से गन्ना, धान, केला की फसल को नुकसान हुआ है। धान व गन्ना पूरी तरह गिर गया है। सरैंया : बारिश व हवा से धान व गन्ने की फसल गिर गई है। धान को अधिक नुकसान पहुंचा है। किसान चिता में हैं कटान किस तरह करें। सिकंद्राबाद के किसान जय नरेश ने बताया कि धान पूरी तरह गिर गया है। हरगांव : हवा व बारिश से धान की फसल गिर गई है। गन्ना भी गिरा है। लेकिन धान का नुकसान अधिक है।

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