सीतापुर : अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि यह पहला ऐसा चुनाव है, जिसका कुरुक्षेत्र तो उप्र की भूमि है लेकिन, इसे लड़ अमेरिका, चीन और पाकिस्तान भी रहा है।

विश्व हिदू परिषद की ओर से नैमिषारण्य में आयोजित सांस्कृतिक, वैचारिक संत सम्मेलन में उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी इस्लामिक और तेल बेचने वाले देश उप्र का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। कहा कि अभी वह टीवी चैनलों पर बैठकर कह रहे हैं कि मेरी सरकार होती तो एक वर्ष में श्रीराम मंदिर बनवा देता। सच यह है कि वर्ष 2014 से वर्ष 2017 तक सुप्रीम कोर्ट रामजन्म भूमि मामले में हाईकोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्य का अनुवाद मांगता रहा और तब तत्कालीन सपा सरकार यह कहती थी कि हमारे पास अनुवाद के लिए पैसे नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि उप्र में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद 19500 पेजों का अनुवाद कराकर सुप्रीम कोर्ट भेजा गया। सत्ता में बैठे जो लोग अनुवाद कराने के पैसे नहीं दे सकते थे, वे राम जन्मभूमि पर मंदिर बनवाने की बात कह रहे हैं। जिन्होंने थानों में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी भी बंद करवा दी थी, वह रामराज्य की स्थापना क्या करेंगे। जितेंद्रानंद सरस्वती कांग्रेस पर भी बरसे और कहा कि कांग्रेस ने भी सुप्रीमकोर्ट में हलफनामा देकर राम को उपन्यास का काल्पनिक पात्र बताया था।

कांग्रेस के कपिल सिब्बल राम जन्मभूमि प्रकरण की सुनवाई के दौरान वह सुप्रीम कोर्ट में कोट लहराकर कहते थे कि एक लाख पेच हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राम-लक्ष्मण की जोड़ी बताया। कहा कि, इस जोड़ी ने देश को आगे ले जाने का कार्य किया है।

Edited By: Jagran