सीतापुर : रामपुर मथुरा इलाके के अंगरौरा गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। घाघरा का पानी अभी गांव में भरा है। कई मकान डूबे हुए हैं। ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं रेउसा इलाके के गांव परमेश्वरपुर, पासिनपुरवा, कम्हरिया-शेखूपुर आदि गांवों में नदी कटान कर रही हैं। ग्रामीणों की करीब 20 बीघा जमीन नदी में समा गई है।

रामपुर मथुरा : अंगरौरा व चार अन्य गांवों में नदी का पानी भरा हुआ है। रास्ते बंद हैं, आवागमन में ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। अधिकारी गांवों का भ्रमण कर रहे हैं। वहीं अखरी, शंकरपुरवा, मिश्रनपुरवा आदि गांवों के बाहर खेतों व रास्ते पर घाघरा का पानी भरा हुआ है। संपर्क मार्गों पर पानी भरा होने से ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अखरी व संकरपुरवा के कई घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि, नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हम लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं।

सेउता : शारदा व घाघरा व शारदा नदी का जलस्तर व बचाव कार्यों का हाल जानने एडीएम विनय पाठक कम्हरिया-शेखूपुर गांव पहुंचे। नदी के कटान की स्थिति जानी और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। नदी गांव के राजकुमार, शिवकुमार, जमुनाप्रसाद आदि किसानों की करीब 20 बीघा जमीन काट चुकी है। किसानों ने अपना दर्द एडीएम से साझा किया। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर खेती की और खेत नदी में कट गया। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की, कम्हरिया-शेखूपुर परियोजना पूरे गांव के लिए थी। कम्हरिया में काम कराकर छोड़ दिया गया है। शेखूपुर के करीब 200 घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है।

कटान से डरे हैं ग्रामीण

रेउसा : शारदा व घाघरा नदियों की कटान से गांव पासिनपुरवा, परमेश्वरपुरवा के ग्रामीण भयभीत हैं। नदी इन गांवों के बाहर कटान कर रही है। इन गांवों के कई घर नदी की कटान की जद में हैं। नदी का पानी खेत-खलिहानों में भरा है।

Edited By: Jagran