सूडान और नाइजीरिया से नेपाल होकर भारत आ रहा 'मगज', दीपावली से पहले सीमा पर एसएसबी और पुलिस की सख्त नाकेबंदी
दीपावली के करीब आते ही मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले तरबूज के बीज की मांग बढ़ने से भारत-नेपाल सीमा पर ...और पढ़ें
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HighLights
दीपावली पर तरबूज बीज की मांग बढ़ी।
सूडान-नाइजीरिया से नेपाल के रास्ते तस्करी।
भारत-नेपाल सीमा पर लगातार हो रही बरामदगी।
जागरण संवाददाता, शोहरतगढ़। दीपावली नजदीक आते ही मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले तरबूज के बीज (मगज) की मांग बढ़ी तो भारत-नेपाल सीमा पर इसकी तस्करी की गतिविधियां भी तेज हो गईं। सूडान और नाइजीरिया जैसे देशों से नेपाल के रास्ते भारत में बीज खपाने की कोशिशों ने सीमा पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही बरामदगी से विदेशी माल के आयात, नेपाल में उसके भंडारण और फिर भारतीय बाजार तक पहुंचाने की कड़ी की जांच जरूरी हो गई है।
एक अक्टूबर को खुनुवा सीमा पर कस्टम, पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम ने दो टैंकरों से 1082 बोरी तरबूज के बीज और 346 बोरी अखरोट बरामद किए थे। इसी दिन सोनौली के पास भी पुलिस ने एक टैंकर से बीज पकड़ा था। इसके बाद सात अक्टूबर को एसएसबी ने खुनुवा के पास परसौना गांव के निकट 43 बोरियों में 17.20 क्विंटल तरबूज का बीज बरामद किया।
शनिवार को एसएसबी की 50वीं वाहिनी के जवानों ने कंचनपुर चौकी के पास पिलर संख्या 582 के निकट 58 बोरी बीज पकड़ा। बीज लदी ट्रैक्टर-ट्राली जब्त कर चालक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया गया।
बंदरगाह से नेपाल और फिर भारतीय बाजार तक पहुंचने की आशंका
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नेपाल के लिए विदेशों से आने वाला माल विशाखापत्तनम और कोलकाता जैसे भारतीय बंदरगाहों के जरिये पहुंचता है। वहां से कार्गो और सड़क मार्ग के माध्यम से खेप नेपाल भेजी जाती है। नेपाल को कुछ वस्तुओं के आयात में मिलने वाली रियायतों का भी व्यापारिक लाभ लिया जाता है। खुनुवा में पकड़ी गई खेप को नेपाल की आयातक कंपनी भोटेकोशी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया जा रहा है।
ऐसे में जांच का अहम बिंदु यह है कि विदेश से आयातित बीज नेपाल पहुंचने के बाद किन रास्तों, वाहनों और कारोबारियों के जरिये भारतीय सीमा में लाया जा रहा था। हालांकि, इन बरामदगी के आधार पर पूरे नेटवर्क में किसी व्यक्ति या कंपनी की संलिप्तता को अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता। इसमें और भी कंपनियां शामिल हो सकती हैं।
त्योहार की मांग, बड़े नेटवर्क की जांच जरूरी
तरबूज के बीज का इस्तेमाल गजक, चिक्की, हलवा, लड्डू, बर्फी, पिन्नी, खीर, पंजीरी और आइसक्रीम समेत कई खाद्य पदार्थों में होता है। दीपावली पर इसकी खपत बढ़ने से कारोबारियों की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में सीमा पार से होने वाली अवैध आपूर्ति स्थानीय बाजार और वैध कारोबार को प्रभावित कर सकती है।
सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है। हर वाहनों की जांच कराई जा रही है। तस्करों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे। -अनिल कुमार सिंह, कस्टम अधीक्षक खुनुवा
