सिद्धार्थनगर : पानी की लगातार बढ़ती खपत और दोहन से वाटर हार्वेस्टिग प्रत्येक क्षेत्र के लिए जरूरी हो गया है। सरकारी दफ्तरों में इस ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का अनुपालन हो रहा है। नए सरकारी भवन का नक्शा पास होने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम का होना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन भी लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। सभी को जल के महत्व की जानकारी दी जा रही है।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय परिसर में बारिश के पानी को संरक्षित करने व उसे उपयोग में लाया जा रहा है। परिसर में लगे पेड़ व पौधे की सिचाई इस पानी से करने की व्यवस्था है। कालेज व स्कूलों की नई बिल्डिग में भी बारिश के पानी को संरक्षित करने की व्यवस्था की जा रही है। नवनिर्मित केंद्रीय विद्यालय में रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम की व्यवस्था की गई है। कलेक्ट्रेट, विकास भवन, कृषि भवन समेत तहसीलों में भी इसके लिए कदम बढे हैं। डुमरियागंज में नये तहसील भवन व अधिवक्ता भवन को इस सुविधा से लैस किया गया है। एकत्रित पानी स्प्रिंकल विधि से परिसर के पेड़ पौधों तक सिचाई के लिए पहुंचाया जाएगा। अछूते तहसील में प्रशासन इसका प्राक्कलन बनाने में लगा है। बर्डपुर ब्लाक क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बर्डपुर परिसर में जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण कराया गया है। जहां बारिश का पानी इकट्ठा होता है और वाटर लेबल को बनाए रखता है। 25 शिक्षकों का नहीं जारी हो सका वेतन आदेश सिद्धार्थनगर : प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत दो बैच में नियुक्त 935 में 910 सहायक अध्यापकों का वेतन भुगतान आदेश जारी हो चुका है़। जिन 25 शिक्षकों का वेतन भुगतान आदेश जारी नहीं हो सका है। उनका विवरण बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजकर शिक्षकों को सूचित करने का निर्देश दिया है। बीएसए की ओर से जारी सूची में भनवापुर के तीन , बर्डपुर ,खेसरहा व डुमरियागंज के चार-चार, जोगिया, बढ़नी व लोटन के दो -दो, नौगढ़, खुनियांव व इटवा के एक -एक शिक्षक सम्मिलित हैं। इनमें से अधिकांश के नोटरी शपथपत्र अपूर्ण हैं। इतनी बड़ी संख्या में वेतन आदेश जारी हो जाने से नवनियुक्त शिक्षकों में खुशी है। पूर्व पटल सहायक के निलंबन के बाद वेतन आदेश जारी करने में तेजी लाने के लिए मिठवल बीआरसी के लिपिक शिवसागर को बीएसए ऩे अपने कार्यालय में संबद्ध किया। इसके बाद बहुत कम समय में इतनी बड़ी संख्या में नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन आदेश जारी हो पाए हैं। बीएसए ऩे बताया ़िक शासन से जारी दिशानिर्देश के तहत पारदर्शी व्यवस्था अपनाते हुए वेतन भुगतान आदेश जारी किए गए। जिन 25 शिक्षकों के आदेश जारी नहीं हुए हैं उनकी सूची जारी कर आवश्यक अभिलेख जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे उनके भी आदेश जारी हो सके।

Edited By: Jagran