सिद्धार्थनगर : जिले में जन जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद साल दर साल एड्स मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया उपाय असफल साबित हो रहा है। पिछले तीन सालों में आंकड़ा घटने के बजाय बढ़ा है। सर्वाधिक मरीज डुमरियागंज क्षेत्र के हैं। मरीजों की संख्या इस वक्त 4300 के पार पहुंच गई है। 958 रोगी मौत के गाल में समा चुके हैं। जिले की सीमा नेपाल से जुड़े होने के कारण यह नागरिकों के लिए खतरे की घंटी है।

सरकारों ने एचआइवी के रोकथाम के लिए तमाम अभियान चलाया। रोग से बचने के उपायों की जानकारी उपलब्ध कराने का दावा करती हैं। बावजूद इसके जनपद में इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। यहां पिछले तीन वर्षो में मरीजों की संख्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ी है। रोगियों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिता की लकीर खींची है। जिले के रोगियों को संयुक्त जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर से दवा उपलब्ध कराई जाती है।

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314 रोगी ले रहे गैर जनपद से दवा

जिले में पंजीकृत 314 रोगी गैर जनपद से दवा ले रहे हैं। इसके पीछे अहम कारण है कि यह रोजगार के सिलसिले में गैर प्रांतों रहते हैं। पंजीकृत मरीजों के दिल्ली, मुम्बई, गुजरात, सूरत, कोलकाता जैसे शहरों में होने की जानकारी विभाग के पास है।

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क्या कहते हैं जिम्मेदार

रोग न फैले इसके लिए सबसे अहम बचाव है। विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरुक करता है। बाहर रहकर जीविकोपार्जन करने वालों में यह रोग अधिक पाया जा रहा है। सभी को समय से दवाएं एवं काउंसलिग कराई जाती है।

डॉ आरके मिश्रा, सीएमओ

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पिछले तीन सालों में यह है मरीजों का आंकड़ा-इनसेट

वर्ष चिहित नए रोगी

2016 432

2017 427

2018 458

Posted By: Jagran

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