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सिद्धार्थनगर में नाले के पानी से परेशान छात्रों ने जाम की सड़क, प्रशासन की अनदेखी पर फूटा गुस्सा

Published: Mon, 28 Sep 2026 04:32 PM (IST)

सिद्धार्थनगर में जय किसान इंटर कॉलेज परिसर में नाले का पानी घुसने से नाराज सनई इंटर कॉलेज के छात्रों ने नौगढ़-बांसी मुख्य मार्ग जाम कर दिया।

सनई इंटर कालेज के सामने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं के कारण सिद्धार्थनगर-बस्ती मार्ग पर लगा भीषण जाम।

सनई इंटर कालेज के सामने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं के कारण सिद्धार्थनगर-बस्ती मार्ग पर लगा भीषण जाम।

HighLights

  1. नाले का पानी जय किसान इंटर कॉलेज परिसर में घुस रहा था।

  2. सनई इंटर कॉलेज के छात्रों ने नौगढ़-बांसी मुख्य मार्ग जाम किया।

  3. अधिकारियों के आश्वासन पर 40 मिनट बाद छात्रों ने जाम खोला।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। नाले का पानी बहकर जय किसान इंटर कॉलेज परिसर में पहुंचने और समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज सनई इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। दोपहर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी नौगढ़-बांसी मुख्य मार्ग पर उतर आए और सड़क जाम कर दी। करीब 40 मिनट तक चले जाम से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान 1200 से अधिक वाहन फंसे रहे। हालांकि, छात्रों ने जाम के बीच एंबुलेंस को रास्ता दिया।

विद्यालय प्रशासन के अनुसार नाले के पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। पानी बहकर जय किसान इंटर कॉलेज परिसर में पहुंच रहा है। इससे विद्यार्थियों को आने-जाने के साथ ही विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित होने की स्थिति बन रही थी। सनई इंटर कॉलेज में करीब 2500 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए कई बार तहसील प्रशासन, नगर पालिका और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को पत्र देकर अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

नंबर गेम

  • 2500 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं विद्यालय में
  • 1200 से अधिक वाहन जाम में रहे फंसे
  • 40 मिनट दोपहर 2:35 से 3:15 बजे तक जाम
  • 500 मीटर दोनों ओर लगी रही वाहनों की कतार

सोमवार दोपहर करीब 2:35 बजे छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के सामने नौगढ़-बांसी मुख्य मार्ग पर पहुंचकर आवागमन रोक दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब आधे किलोमीटर तक वाहन फंस गए। विद्यार्थियों का कहना था कि जब विद्यालय प्रशासन लगातार समस्या से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराता रहा तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उनका कहना था कि पानी की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, पुलिस क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अजय सिंह मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने विद्यालय प्रशासन के लोगों से वार्ता की और विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र-छात्राएं समस्या के समाधान पर अड़े रहे। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या दूर नहीं होगी। जब तक नाले के पानी को विद्यालय की ओर आने से रोकने की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक जाम समाप्त नहीं किया जाएगा। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तहसील प्रशासन ने तत्काल नाले को बंद कराया।

अधिकारियों ने आगे आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने जाम समाप्त किया और वाहनों का आवागमन बहाल हो सका। इस दौरान विद्यार्थियों ने यह भी ध्यान रखा कि आपातकालीन सेवा प्रभावित न हो। एंबुलेंस को रास्ता देकर जाने दिया गया।

विद्यालय प्रशासन का कहना है कि यदि पहले ही शिकायतों को गंभीरता से लेकर नाले की समस्या का समाधान कर दिया जाता तो विद्यार्थियों को सड़क पर उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लंबे समय से बनी समस्या पर कार्रवाई नहीं होने के कारण ही छात्र-छात्राओं में नाराजगी बढ़ती गई और सोमवार को उन्होंने विरोध का रास्ता अपनाया।