सिद्धार्थनगर में मृत्युभोज न करने की ली गई शपथ, बौद्ध महासभा ने की पहल
सिद्धार्थनगर में दी बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मृत्युभोज का बहिष्कार करने की शपथ ली गई। इस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सिद्धार्थनगर में मृत्युभोज का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने की शपथ।
दी बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया ने कार्यक्रम आयोजित किया।
बौद्ध धर्म में ढोंग, पाखंड, आडंबर का कोई स्थान नहीं।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। दी बुद्धिस्ट सोसाइटी आफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मृत्युभोज न करने की शपथ ली गई। नगर पंचायत इटवा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर वार्ड में सामूहिक रूप से ऐसे कार्यक्रम को बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। बौद्धाचार्य डॉ. जेपी बौद्ध ने उपस्थित अनुयाइयों को त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण कराई।
प्रान्तीय उपाध्यक्ष केदारनाथ आजाद ने कहा कि समाज से मृत्युभोज को खत्म करने का जो बीड़ा भारतीय बौद्ध महासभा ने उठाया है, वह एक दिन जरूर सफल होगा। पूर्व विधायक शोहरतगढ अमरसिंह चौधरी ने कहा कि बौद्ध धर्म एक वैज्ञानिक धर्म है, इसमें ढोंग, पाखण्ड, आडम्बर व कर्मकाण्ड के लिए कोई स्थान नहीं है।
जिलाध्यक्ष राममिलन गौतम ने कहा कि मृत्युभोज को कोई भी खुशी मन से नहीं करना चाहता है। लोग सामाजिक दबाव से इस कर्मकाण्ड को करते हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष जयकिशोर गौतम, नपं विकास जयसवाल, बाबूलाल गौतम, राधेश्याम सहित अन्य उपस्थित रहे।
