सिद्धार्थनगर में एटीएस का खुलासा, मकसूद ने बनाया था 'कैप्टन एम नेटवर्क', घर वालों को भी नहीं थी हरकतों की भनक
सिद्धार्थनगर में एटीएस ने मकसूद अली को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन गेम के जरिए पाकिस्तानी हैकरों के संपर्क में ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
मकसूद अली ऑनलाइन गेम से पाकिस्तानी हैकरों के संपर्क में आया।
उसने कोडिंग-हैकिंग सीखकर 'कैप्टन एम नेटवर्क' बनाया था।
एटीएस ने सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार कर जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) के हत्थे चढ़ा मकसूद अली ऑनलाइन गेम खेलने के नाम पर पाकिस्तानी हैकरों के संपर्क में था। इंटरनेट पर सक्रियता के दौरान उसके संपर्कों का दायरा लगातार बढ़ता गया। वह कोडिंग और हैकिंग सीखने के साथ ही कई ऐसे वाट्सएप समूहों से जुड़ा था, जिनमें पाकिस्तानी नंबर शामिल थे।
दावा है कि पढ़ाई के बहाने लंबे समय तक मोबाइल में व्यस्त रहने वाले मकसूद की इन गतिविधियों की भनक घर वालों को भी नहीं थी। बांसी कोतवाली क्षेत्र के मधवापुर निवासी 19 वर्षीय मकसूद अली की गिरफ्तारी के बाद उसकी आनलाइन गतिविधियों की परतें खुल रही हैं। एटीएस की पूछताछ में पता चला कि आनलाइन गेम खेलते हुए वह पाकिस्तान के कुछ हैकरों के संपर्क में आ गया।
बातचीत और तकनीकी जानकारी साझा करने का सिलसिला बढ़ता गया। उसने हैकिंग से जुड़े उपकरण भी तैयार करने का प्रयास किया। उसके दो वाट्सएप नंबरों और पाकिस्तान के संदिग्ध समूहों से जुड़ने की जानकारी सामने आई है। मकसूद ने कैप्टन एम नेटवर्क नाम से एक सुरक्षित साधन तैयार किया था, जिसका इस्तेमाल आपस में संपर्क रखने के लिए किया जाता था।
एटीएस यह पता लगा रही है कि इसके माध्यम से कितने लोग जुड़े थे और इसके माध्यम से किस तरह की सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया। मकसूद के पाकिस्तानी हैकरों के संपर्क में रहने की पुष्टि अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने भी की है। उन्होंने मकसूद के पाकिस्तान में मौजूद हैकरों के संपर्क में रहने और हैकिंग उपकरण तैयार करने के प्रयास की जानकारी दी है। पुलिस मकसूद की गतिविधियों की जानकारी न रख पाने के आरोप में स्वजन से भी पूछताछ कर चुकी है।
