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सिद्धार्थनगर में शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे का भूमि अधिग्रहण जल्द, विकास को मिलेगी गति

Published: Thu, 18 Jun 2026 04:08 PM (GMT+05:30)

सिद्धार्थनगर में शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के लिए पिलर लगाने का काम पूरा हो गया है। अब राजस्व विभाग और एनएचएआई की टीम भूमि अधिग्रहण के लिए संयुक्त सर्वे शुरू करेगी।

भूमि चिंहांकन के बाद लगाया गया पिलर। जागरण

भूमि चिंहांकन के बाद लगाया गया पिलर। जागरण

HighLights

  1. सिद्धार्थनगर में एक्सप्रेस-वे पिलर लगाने का काम पूरा।

  2. अब भूमि अधिग्रहण के लिए संयुक्त सर्वे शुरू होगा।

  3. शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी और व्यापार बढ़ेगा।

संवाद सूत्र, पचमोहनी, (सिद्धार्थनगर)। पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी से जोड़ने वाले करीब 750 किमी लंबे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे की निर्माण प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। सिद्धार्थनगर की इटवा तहसील में राइट आफ-वे यानी आरओडब्ल्यू चिह्नांकन के लिए बाउंड्री पिलर लगाने का काम शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। इटवा तहसील के 38 किमी हिस्से में 70 मीटर चौड़ाई में पिलर फिक्सिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब अगले सप्ताह से राजस्व विभाग और एनएचएआई की संयुक्त टीम सर्वे शुरू करेगी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एनएचएआई के सर्वेयर सुनील कुमार के मुताबिक इटवा तहसील क्षेत्र में पिलर लगाने का कार्य पूर्ण हो गया है। अब आगे सर्वे का कार्य होगा। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारी, सर्वेयर, तहसील की राजस्व टीम और प्रभावित किसान मौजूद रहेंगे। ड्रोन की मदद से खेतों की पैमाइश कर भूमि का पूरा रिकार्ड तैयार किया जाएगा इसके उपरांत जीएमएस रिपोर्ट आते ही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी।

ग्रामीण अंचल में सर्किल रेट का चार गुना और शहरी क्षेत्रों में तीन गुना मुआवजा दिया जाएगा। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो छह महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। प्रयास है कि जुलाई तक जीएमएस पूरा करके अक्टूबर, नवंबर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। यह 6 लेन एक्सप्रेस-वे सिद्धार्थनगर की बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसील क्षेत्र के करीब 145 गांवों से ये एक्सप्रेस-वे निकलेगा।

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उक्त क्षेत्र की भूमि की बिक्री रोकने के लिए करीब आठ महीना पहले ही प्रशासन ने खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। गोरखपुर से शामली का सफर 14 घंटे से घटकर अज्ञइ घंटे होगा। दिल्ली पहुंचने में दो दिन की जगह सिर्फ पांच घंटे लगेंगे। नेपाल सीमा से दिल्ली की दूरी करीब 200 किमी कम हो जाएगी कनेक्टिविटी से सिद्धार्थनगर में नए उद्योग लगेंगे और व्यापार-आवागमन सुलभ होगा।

बोले ग्रामीण
निश्चित ही एक्सप्रेस-वे विकास की दिशा में अहम कड़ी साबित होगी। शहरों का सफर भी आसान होगा। -सच्चिदानंद मिश्र, ग्रामीण

दिल्ली का सफर आसान होने के साथ यहां व्यपार को भी बढ़वा मिलेगा, नए उद्योग भी लग सकेंगे। -अखिलेश कुमार, ग्रामीण

व्यापार और आवागमन दोनों के लिए एक्सप्रेस-वे सुविधा जनक हाेगा। विकास को नई गति मिल सकेगी। -मनोज पाण्डेय, ग्रामीण

सपने में भी नहीं सोंचा था कि ये ग्रामीण क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे जैसी सुविधा होगी। मगर अब उम्मीद पूरी होगी। -हरीश कृष्ण पाण्डेय, ग्रामीण


परियोजना की लंबाई करीब 750 किमी होगी तथा करीब 35,000 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण होगा। शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे 6 लेन बनने से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बीच की दूरी सिमट जाएगी और क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

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-सोनू कुमार, सर्वे अभियंता, एनएचआई।