सिद्धार्थनगर में 75 करोड़ से चौड़ी होंगी 4 प्रमुख सड़कें, 300 गांवों को मिलेगा सीधा फायदा
सिद्धार्थनगर जिले में चार प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
सिद्धार्थनगर में चार प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण होगा।
परियोजना पर लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे, कुल लंबाई 29.17 किमी।
इससे जिले के लगभग 300 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। जिले में सड़क संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। करीब 29.17 किलोमीटर लंबाई वाले इन मार्गों के कार्यों पर 73 करोड़ 93 लाख 40 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इनसे जिले के करीब 300 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। 10 सितंबर को प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिद्धार्थनगर से संबंधित इन कार्यों को विभागीय व्यय वित्त समिति के समक्ष रखा गया था। समिति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इनमें पंचमोहनी-खोरिया-बेवा मार्ग के 12.125 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण पर 23 करोड़ 51 लाख 30 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। कठेला-बढ़या-जनिहवा बहादुरपुर मार्ग के 4.800 किलोमीटर हिस्से के लिए 15 करोड़ 21 लाख 75 हजार रुपये की लागत प्रस्तावित है।
दोनों कार्य बस्ती मंडल से संबंधित सूची में शामिल हैं। इसी तरह भडरिया-बढ़नी चाफा मार्ग के 9.500 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण पर 24 करोड़ 90 लाख 59 हजार रुपये तथा शोहरतगढ़-नेपाल सीमा (शोहरतनाथ मंदिर) मार्ग के अवशेष 2.750 किलोमीटर हिस्से पर 10 करोड़ 29 लाख 76 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।
चारों कार्यों की कुल लागत 73 करोड़ 93 लाख 40 हजार रुपये है, जिसे करीब 75 करोड़ रुपये माना जा रहा है। विभागीय व्यय वित्त समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब शासन स्तर से कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी है। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि जिले की बेहतर सड़क व्यवस्था विकास की बुनियादी आवश्यकता है।
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प्रमुख आंकड़े
- 4- सड़कें होंगी चौड़ी
- 29.17- कुल लंबाई किलोमीटर में
- 73.93-अनुमानित लागत करोड़ रुपये में
- 300-लाभान्वित होने वाले गांव
प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य मार्गों से संपर्क बेहतर होगा। प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी।
कमल किशोर, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग
