जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमोद कुमार सिंह की कोर्ट ने लड़की से दुष्कर्म के आरोपित को 10 वर्ष सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पूरी रकम पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना न अदा करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

वर्ष 2017 में मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में हुई थी घटना

पीड़िता के पिता ने मिश्रौलिया पुलिस को दिए तहरीर में कहा था कि उसकी नाबालिग लड़की 26 दिसंबर 2017 की शाम घर से बाहर शौच के लिए गयी थी। इसी बीच लड़की को अकेला देखकर गोविंद केवट पुत्र बाढू केवट निवासी सेमरा (कृष्णानगर), वार्ड नंबर तीन थाना कृष्णानगर जनपद कपिलवस्तु नेपाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने होठ पर काट लिया था। जिससे उसे गंभीर चोटें आईं हैं।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट की कोर्ट ने सुनाया फैसला

इसके बाद मिश्रौलिया पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को जेल भेजते हुए मामले की जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान तीन गवाह प्रस्तुत हुए। मेडिकल परीक्षण में चिकित्सकों की टीम ने उसे बालिग मानते हुए दुष्कर्म और होठ पर घाव होने की पुष्टि हुई। कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात चेहरा पर घाव से जुड़ी धारा में सात वर्ष कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष सश्रम कारावास व 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने कहा कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी और जेल में बिताई गई अवधि इसमें जोड़ी जाएगी। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजन पवनकर पाठक ने की।

Edited By: Nirmal Pareek

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट