विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति रद होने पर हंगामा, अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का आरोप

Published: Tue, 25 Aug 2026 10:44 PM (IST)

सिद्धार्थनगर में आंगनबाड़ी सहायिका पद पर चयन के दो माह बाद नियुक्ति रद कर दी गई है। महिला ने अधिकारियों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. आंगनबाड़ी सहायिका पद पर दो माह बाद नियुक्ति रद्द।

  2. महिला ने अधिकारियों पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया।

  3. विभाग ने शैक्षिक योग्यता पूरी न होने को रद्द का कारण बताया।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। आंगनबाड़ी सहायिका पद पर चयन के करीब दो माह बाद नियुक्ति निरस्त होने से मामला गरमा गया है।

खेसरहा ब्लाक के छितही गांव निवासी सुमन पत्नी बृज प्रताप ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को 12 अगस्त को शिकायती पत्र देकर बाल विकास परियोजना अधिकारी मनोज शुक्ल, ब्लाक कोआर्डिनेटर विजेंद्र मिश्रा और उनके चालक अनिल पांडेय पर चयन के लिए एक लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने चयन बहाल करने के साथ आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

सुमन के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्होंने आठ मई 2026 को कार्यभार ग्रहण किया था और उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर रही थीं। आरोप है कि करीब एक माह बाद संबंधित कर्मचारियों ने उन्हें घर से बुलाकर कई कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए।

बाद में जानकारी हुई कि उन्हीं हस्ताक्षरों से त्यागपत्र तैयार किया गया है। महिला का दावा है कि चयन में उनकी ओर से कोई गलती नहीं थी और नियुक्ति के लिए एक लाख रुपये लिए गए थे। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की है।

महिला की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल है, जबकि सहायिका पद के लिए इंटरमीडिएट योग्यता निर्धारित है। भूलवश चयन हो गया था, जिसे करीब दो माह बाद निरस्त किया गया। महिला को अपना पक्ष रखने के लिए दो बार पत्र भेजा गया, लेकिन वह कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं।

-साहब यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी