सिद्धार्थनगर में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्याम सुंदर चौधरी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, जांच में जुटी पुलिस
सिद्धार्थनगर में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्याम सुंदर चौधरी की दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्याम सुंदर चौधरी की संदिग्ध मृत्यु हुई।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी थी।
परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से स्पष्ट इनकार कर दिया है।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और गड़ाकुल के पूर्व प्रधान श्याम सुंदर चौधरी की बुधवार रात संदिग्ध परिस्थिति में मृत्यु हो गई। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस से मेडिकल कालेज के अस्पताल ले जाया गया।
वहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद कुछ लोगों ने उनकी मृत्यु को म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज से जोड़कर चर्चा शुरू कर दी। हालांकि, मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस के अनुसार, स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है।
50 वर्षीय श्याम सुंदर चौधरी नगर पंचायत शोहरतगढ़ के गड़ाकुल मोहल्ले के निवासी थे। बुधवार रात करीब 2.45 बजे शोहरतगढ़ में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान वह अपने मकान के पास खड़े थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शोहरतगढ़ से एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल कालेज के अस्पताल भेजा गया। बाद में उनकी मृत्यु की सूचना से क्षेत्र में शोक फैल गया।
घटना के बाद कुछ लोगों ने कहा कि म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और मृत्यु हो गई। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि जिस समय श्याम सुंदर की मृत्यु की सूचना मिली, उस समय दुर्गा प्रतिमाओं के डोले उधर से गुजर रहे थे। सूचना मिलने के बाद दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने आपसी सहमति से म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज बंद करने का निर्णय लिया।
इसके बाद डोले धीमी गति से आगे बढ़ने लगे। इस दौरान कस्बे में यह चर्चा भी फैल गई कि पुलिस के निर्देश पर म्यूजिक सिस्टम की आवाज बंद करायी गयी है। हालांकि, पुलिस ने इससे इन्कार किया। कस्बे के गोलघर डोलों के पहुंचने पर कुछ लोगों ने म्यूजिक सिस्टम दोबारा बजाने की बात कही। इसके बाद दो म्यूजिक सिस्टम चालू किए गए।
प्रतिमाएं कस्बे से बाहर निकलने के बाद लोगों ने सभी म्यूजिक सिस्टम बजाने का निर्णय लिया। श्याम सुंदर के परिवार में पत्नी विमला चौधरी और एक बेटा दीपक कुमार चौधरी हैं, जो अधिवक्ता हैं। उनकी दो बहनों में एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। पुलिस के अनुसार, परिवार ने भी दुर्गा प्रतिमा स्थापित की थी और म्यूजिक सिस्टम बुक कराया था। फिलहाल मृत्यु के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मृत्यु से करीब छह घंटे पहले खेली थी लाठी
बुधवार रात करीब आठ बजे कस्बे में आयोजित अखाड़े में उन्होंने लाठी भी खेली थी। अब उनका यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। लोग वीडियो साझा करते हुए लिख रहे हैं कि उन्हें नहीं पता था कि यह उनका आखिरी वीडियो होगा।
म्यूजिक सिस्टम बंद कराने का निर्देश पुलिस ने नहीं दिया था। समिति के सदस्यों ने अपनी सहमति से म्यूजिक सिस्टम बंद किए थे। बाद में लोगों ने स्वयं इन्हें दोबारा चालू किया। श्याम सुंदर के स्वजन ने घटना को लेकर कोई आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने लिखकर दिया है कि वह पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं।
