सिद्धार्थनगर : शुक्रवार को पुलिस ने शिवकुमार हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। एसओजी व सर्विलांस टीम की मदद से किए गए इस पर्दाफाश में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। किशोरों ने क्राइम पेट्रोल सीरियल के तर्ज पर हत्या की घटना को अंजाम दिया है। सभी गिरफ्तार आरोपितों ने खुद को बचाने के लिए घटनाक्रम को दूसरी दिशा में मोड़ने का जाल बुना था। स्वजन व पुलिस भी इनके बुने हुए जाल में उलझ गए। तीन अन्य निर्दोषों को आरोपित बनाया गया। कहते हैं गुनहगार कितना भी शातिर हो, लेकिन कोई ना कोई सुराग छोड़ जाता है। सीडीआर से एसओजी टीम ने यह सुराग खोज निकाला और कातिलों तक पहुंच गई।

एसओ राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि आठ जून की सुबह गांव के उत्तर शिवकुमार का शव मिला था। जांच रिपोर्ट में मौत का कारण सिर पर गहरा चोट बताया गया है। पुलिस हत्या का पर्दाफाश करने में जुट गई। शुक्रवार को जूड़ीकुइया के बगल एक ईंट भट्ठे के पास चार किशोरों को पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम ने पकड़ा। सभी ने पूछताछ में बताया कि पूर्व में अपने पिता के मृत्यु को लेकर शंका थी, कि मेरे ही पटीदार ने मिलकर उनकी हत्या की है, जिसकी रंजिश में गोलू यादव की हत्या करने का प्लान बना रहे थे। इसकी जानकारी मृतक शिवकुमार को हो गई थी। प्लान की जानकारी और किसी अन्य को ना होने पाए, जिसके कारण शिवकुमार के गले में गमछा लगाकर जमीन पर पटक-पटक कर हत्या कर दी। किशोरों की निशानदेही पर शिवकुमार का मोबाइल, चैन व कत्ल में प्रयुक्त गमछा, तीन जोड़ी ग्लब्स व चिप बरामद किया गया।

जांच की दिशा भटकाने के लिए बुना था जाल शिवकुमार व कपिलवस्तु थाना क्षेत्र के एक युवक का उसी गांव की लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह हत्या के एक दिन गांव आया था। लड़की को लेकर दोनों में विवाद हुआ। एक किशोर ने प्रेम प्रसंग को मोबाइल में रिकार्ड किया। रात में घटना को अंजाम देकर मृतक का मोबाइल लेकर उसके बड़े भाई के मोबाइल पर आडियो वायरल कर दिया। जिससे हत्या का शक स्वजन व पुलिस को लड़की के दूसरे प्रेमी पर आ जाए। ऐसे खुला परत- दर परत मामला

पुलिस ने नामजद आरोपितों व लड़की का काल डिटेल खंगाला। लेकिन इनके हत्या करने के संबंध में कोई कड़ी नहीं जुड़ी मिली। तब पुलिस व एसओजी टीम को वायरल आडियो पर शक हुआ। पुलिस यह मान कर चलने लगी कि जब शिवकुमार का मोबाइल उसके शव के पास नहीं मिला तो आडियो वायरल कैसे हुआ। एसओजी व सर्विलांस टीम ने शिवकुमार के मोबाइल का सीडीआर जब खंगाला तो पता चला कि आरोपितों ने हत्या के बाद शिवकुमार का मोबाइल लेकर उसमें अपना चिप व सिम डाल कर शिवकुमार के भाई पर आडियो भेजा था, ताकि आडियो सुन कर शक दूसरे युवक पर चला जाए।

पर्दाफाश में इनकी रही भूमिका

घटना के पर्दाफाश में एसओजी प्रभारी जीवन त्रिपाठी, सर्विलांस टीम के सदस्य दिलीप द्विवेदी, एसओ शोहरतगढ़ आरबी सिंह, खुनुवा चौकी अभिमन्यु सिंह, एसआइ रमाशंकर राय, एसआइ राघवेन्द्र प्रताप यादव सहित 14 लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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