सिद्धार्थनगर : मंगलवार को जनपद की सभी पांच तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर अपने नाम की सार्थकता प्रमाणित करने में नाकामयाब रहे। कुल 157 में से महज 24 फरियादियों के चेहरे पर ही मुस्कान थिरकी, बाकी 133 को उदास मन से वापस लौटना पड़ा। इटवा तहसील में आयोजित जिलास्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में भी उनको राहत नहीं मिल सकी। वहां प्रस्तुत 32 में से महज सात का ही निस्तारण हो सका।

एसडीएम डा. महेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में राजस्व के 23, पुलिस के छह, विकास के दो व अन्य पांच मामलों सहित कुल 36 मामले प्रस्तुत हुए। इनमें से राजस्व से संबंधित महज तीन का ही निस्तारण हो सका। सीओ दिलीप कुमार ¨सह, तहसीलदार संतोष कुमार ओझा, नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार सहित सर्किल के सभी थानाध्यक्ष, पूर्ति निरीक्षक आदि मौजूद रहे। इटवा कार्यालय के अनुसार सीडीओ अनिल कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रस्तुत 32 में से सात का ही मौके पर निस्तारण हो सका। शेष को संबंधित अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया।

पहला मामला इटवा निवासिनी अंजू देवी का आया। उनका आरोप था कि वह बिजली कनेक्शन के लिए लंबे समय से चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनसे इसके बदले 25 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। सीडीओ ने विद्युत विभाग के जेई को कड़ी फटकार लगाते हुए उक्त महिला को तत्काल कनेक्शन देने का निर्देश दिया। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गौरडीह और धोबही से आए चार मामलों में पक्की पैमाइश के बाद भी विपक्षी निशानदेही के लिए लगे पत्थरों को उखाड़ चुके थे। गुलाम हुसैन और अब्दुल मन्नान की शिकायत पर एएसपी अर¨वद मिश्रा ने एसएचओ मिश्रौलिया को तलब किया। उनकी जगह मौजूद एसआई रामख्याल को उखाड़े गए पत्थरों को फिर से लगवाने का निर्देश दिया। पुलिस विभाग से संबंधित सभी चार मामलों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया। विकास के नौ मामलों में से तीन का निस्तारण हुआ। राजस्व के आठ, शिक्षा के एक, आपूर्ति के चार, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, वन विभाग, ¨सचाई के एक-एक सहित दो अन्य मामलों का निस्तारण नहीं हो सका। जिला कृषि अधिकारी सीपी ¨सह, डीएसओ नरेंद्र तिवारी, तहसीलदार राजेश अग्रवाल, नायब तहसीलदार अनिल पाठक, बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्रा, अभिमन्यु, बीडीओ अशोक कुमार दूबे, सीएचसी अधीक्षक डा. बीके वैद्य, एमडब्ल्यू खान, जगदीश यादव, सुनील सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। डुमरियागंज कार्यालय के अनुसार तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में राजस्व के 20, पुलिस के आठ व अन्य दस सहित कुल 38 मामले प्रस्तुत हुए, जिसमें छह का निस्तारण मौके पर किया गया। तहसीलदार शिवमूर्ति ¨सह, पुलिस क्षेत्राधिकारी महेन्द्र ¨सह देव, नायब तहसीलदार लालता प्रसाद, खंड शिक्षाधिकारी चंद्रभूषण पाण्डेय, बाल विकास परियोजना अधिकारी रवींद्र यादव, इंस्पेक्टर आरबी ¨सह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। बांसी कार्यालय के अनुसार एसडीएम प्रबुद्ध ¨सह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 24 मामले आए, जिसमें मात्र एक फरियादी को ही त्वरित न्याय मिल सका। सीओ उमाशंकर ¨सह सहित तहसीलदार वीरेंद्र कुमार गुप्ता, कोतवाल रवींद्र कुमार ¨सह, खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार, खंड विकास अधिकारी बांसी व खेसरहा सुशील कुमार पांडेय, सीडीपीओ नीलम वर्मा आदि मौजूद रहे। शोहरतगढ़ कार्यालय के अनुसार एसडीएम सत्य प्रकाश ¨सह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 27 मामले प्रस्तुत हुए, जिनमें से राजस्व से संबंधित सात का ही निस्तारण हो सका। तहसीलदार नंद प्रकाश मोर्य, नायब तहसीलदार अवधेश कुमार राय, लेखपाल सदाकांत शुक्ला आदि मौजूद रहे।

---

फेसबुक चलाने में व्यस्त रहे अफसर

इटवा : संपूर्ण समाधान दिवस जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी खुद कर रहे थे, उसमें कर्मचारियों की गंभीरता नहीं दिखी। पुलिस के जवानों को उंघते देखकर जहां एएसपी ने टोका, वहीं ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के प्रदीप गुप्ता फेसबुक चलाने में तल्लीन मिले। सीडीओ से इस बावत बात की गई तो उन्होंने कहा कि इससे लापरवाही परिलक्षित हो रही है। इस संबंध में उनको नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जरूरी हुआ तो कार्रवाई भी की जाएगी।

By Jagran