सिद्धार्थनगर : नेशनल मेडिकल कमीशन से राजकीय मेडिकल कालेज को मान्यता मिलने के बाद एमबीबीएस की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है। अब 15 दिनों के अंदर रिक्त पदों पर तैनाती कर दी जाएगी। हालांकि अधिकांश विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति हो चुकी है। शैक्षिक सत्र 2021-22 से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। पहले सत्र में 100 छात्र पढ़ाई करेंगे। भवन निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है।

चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति भी शुरू कर दी है। नर्सिंग संवर्ग के 173 सहित 386 पद पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। इनमें पैरामेडिकल, तकनीकी संवर्ग के 32, लिपिकीय 30, प्रशासनिक 10 और चतुर्थ श्रेणी के 36 पद शामिल हैं।

अब गंभीर रोगियों को गोरखपुर या बस्ती मेडिकल कालेज में इलाज कराने के लिए जाने से छुटकारा मिलेगा। नेपाल से आने वाले मरीजों के इलाज की भी व्यवस्था हो जाएगी। सरकार ने राजकीय मेडिकल कालेज में अन्य पदों पर तैनाती का आदेश जारी किया है। इसमें चिकित्सा शिक्षक के 45, सीनियर रेजीडेंट के 18, जूनियर रेजीडेंट 42, नर्सिंग संवर्ग के 173, पैरामेडिकल तकनीकी संवर्ग के 32 सहित कुल 386 पद शामिल है। चतुर्थ श्रेणी के 32 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति होगी। नेपाल, बलरामपुर व श्रावस्ती के मरीज मेडिकल कालेज में पहुंच सकेंगे।

डा. गणेश कुमार बने मेडिकल कालेज के नोडल

मेडिकल कालेज के नोडल डा. गणेश कुमार ने कहा कि शिक्षक चिकित्सक की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अन्य स्टाफ के लिए जल्द आवेदन मांगें जाएंगे। शैक्षिक सत्र में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। शासन से मिले निर्देशों के क्रम में कार्य हो रहा है। इन्हें शासन ने सिद्धार्थनगर और देवरिया के मेडिकल कॉलेज का नोडल बनाया है।

Edited By: Jagran