सिद्धार्थनगर: आदर्श श्री राम लीला समिति नगर पंचायत बढ़नी चाफा के तत्वावधान में चल रहे 11 दिवसीय श्रीराम लीला मंचन के दूसरी रात कलाकारों ने राम जन्म से विश्वामित्र के आश्रम तक की कथा का मंचन कर उपस्थित जन मानस का मन मोह लिया। इसमें कलाकारों ने दिखाया कि अयोध्या में राजा दशरथ के यहां प्रभु श्री राम का जन्म होता है। चारों तरफ हर्ष ही हर्ष व उत्सव का माहौल रहता है। उधर विश्वामित्र के आश्रम में राक्षस उपद्रव मचाते रहते हैं। विश्वामित्र अपने तपोबल से यह जान लेते हैं कि जगत का कल्याण करने के लिए पृथ्वी पर प्रभु का अवतरण हो चुका है वे अयोध्या में जाकर दानवों के अंत के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाते हैं। रास्ते में राक्षसों का सामना भी होता है, राम उन्हें परास्त करते हैं। काशी नाथ गुप्ता, धर्म राज वर्मा, राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, विद्यासागर गुप्ता, रिषि गुप्ता, मनीष श्रीवास्तव, संजय गुप्ता, दीपक जायसवाल, राम तेज कसौधन, इंद्र जीत यादव, राम नेवास यादव, कपिल गुप्ता, अतुल कुमार गुप्ता, रवि गुप्ता, जय प्रकाश मौर्या आदि मौजूद रहे।

चांद में पति का चेहरा देख महिलाओं ने खोला व्रत

चांद में पति का चेहरा देखकर व्रती महिलाओं ने रविवार की रात करवा चौथ का व्रत खोला। छलनी की ओट से पति का दर्शन किया। चांद की आरती उतारी। पति के लंबी आयु की कामना की।

सुहागिन महिलाएं सुबह शिव-पार्वती का पूजन कर व्रत रखा। पूरे दिन निराजल रहने के बाद रात को चांद निकलने का इंतजार करती रही। शाम होने के साथ ही सोलह श्रृंगार कर छत पर पूजन सामग्री थाली में सजा कर बैठ गई। जैसे ही चांद निकला तो अ‌र्घ्य देकर और छलनी से पति का चेहरा देखकर व्रत खोला। चंद्रमा को देखने से पहले छलनी में दीपक रखा गया। फिर चांद का दीदार किया। परंपरा के अनुसार पति ने पत्नी को अपने हाथ से पानी पिलाकर मिठाई खिलाया। वहीं कई ऐसी भी व्रती महिलाएं रही, जिनके पति काम से बाहर थे। इन्होंने वीडियो काल के माध्यम से पति का चेहरा देखा। वहीं व्रत खोलने के बाद पति और पत्नी ने सेल्फी भी ली।

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