सिद्धार्थनगर : तहसील अन्तर्गत ग्राम अमौना में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी रामकथा का शुभारंभ सोमवार को भव्य रूप से निकली कलश यात्रा से हुआ। गाजे-बाजे के बीच निकली कलश यात्रा में हर ओर जयकारा गूंजता रहा।

कलश यात्रा की तैयारी सुबह से ही शुरू हो गई। समय आगे बढ़ा तो काली माता मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। महिलाएं भी कलश यहां पहुंचने लगी। दोपहर में करीब 12 बजे कलश यात्रा निकाली गई। आगे-आगे शोभा यात्रा में भक्ति गीतों पर झूमते श्रोता तो पीछे कलश लिए महिलाएं चल रही थी। हर ओर वातावरण भक्तिमय दिखाई दिया। इटवा प्रमुख मार्ग से होते हुए यात्रा करहिया, रंगड़गंज, चौखड़ा, शाहपुर होते हुए राप्ती नदी तट पर पहुंची। जहां पर यज्ञावार्य पूर्ण जी महाराज द्वारा पूजा-अर्चना के बीच कलश में जल भराया गया। यहां से यात्रा वापस उसी मार्ग से होते हुए कथा स्थल पर पहुंची, जहां विधि विधान के साथ कलश को स्थापित कराया गया।

मुख्य यजमान, रामशब्द उपाध्याय, सीताराम उपाध्याय, राधेश्याम, पप्पू उपाध्याय, विश्वनाथ उपाध्याय, शिवशंकर, राजकुमार, राम सुभग ,शिवकुमार, गुरुप्रसाद, शारदा प्रसाद, वीरेंद्र, लक्ष्मी निवास, बलराम, पारसनाथ, राम कपिल, रमेश मौर्य, मोनू उपाध्याय, लक्ष्मी देवी, चंदा, सावित्री, कलावती आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक आचार्य शुभम जी महाराज ने बताया कि आज इस धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ हो चुका है, अब प्रतिदिन सायं 7 से 11 बजे तक प्रकाश चन्द्र जी महाराज द्वारा संगीतमयी कथा सुनाई जाएगी।

Posted By: Jagran

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