सिद्धार्थनगर: कस्बे में गणपति उत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रामलीला मैदान की साफ-सफाई के बाद पंडाल लगाया जा चुका है। इटवा डुमरियागंज मार्ग पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बुधवार को राधे राधे ग्रुप से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा निकालकर भगवान गणेश के जयकारे लगाते हुए कस्बे का भ्रमण किया।

इटवा में पिछले पच्चीस वर्षो से गणपति पूजा मनाई जा रही है। गणपति बप्पा मोरया की गूंज आज से कस्बे में सुनाई देगी। कस्बे में गणपति की मूर्ति स्थापना के लिए पंडाल रामलीला मैदान में तैयार हो चुका है। पंडाल में बुधवार को देर शाम मूर्ति स्थापित हुई ।पूजा अर्चना का कार्यक्रम आज से प्रारंभ होगा। मूर्ति स्थापना से पूर्व राधे राधे ग्रुप के सदस्यों ने शोभायात्रा निकालकर कस्बे का भ्रमण किया। इसके अलावा तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर गणेश उत्सव की तैयारियों में लोग जोरशोर से जुटे हुए हैं। कस्बे में जगह-जगह गणेश जी की मूर्तियों के स्टाल लगाए गए हैं। कस्बे में होने वाले गणपति पूजन की जिम्मेदारी निभा रहे पंडित ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि बुधवार की रात्रि मूर्ति स्थापित हुई है। गुरुवार से लेकर अनंत चतुर्थी के दिन तक भगवान की पूजा वेद मंत्रों के साथ होगी। मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक प्रत्येक दिन सांस्कृतिक और भक्ति गीतों का कार्यक्रम भी आयोजित होगा।

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कोलकाता के कलाकार दिखाते हैं हुनर

कोलकाता से आए गोपीनाथ जी मूर्ति कला केंद्र के संस्थापक विजय पाल ने बताया कि पिछले करीब पांच सालों से उनकी बनाई मूर्तियां ही तहसील क्षेत्र के पंडालों में स्थापित की जाती हैं। चिकनी मिट्टी से बनी मूर्ति को बनाने में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। पानी में विसर्जन के दौरान मूर्ति घुल जाए इसका खास ख्याल रखा जाता है। साथ ही यह भी ध्यान दिया जाता है कि जलाशय मूर्तियों के चलते प्रदूषित न हों। पश्चिम बंगाल से आए मूर्ति बनाने वाले कलाकार गोपीनाथ ने बताया कि कोलकाता की मिट्टी हम कलाकारों के हाथ में आकर जीवंत हो उठती है। हर बार हम वहां से थोड़ी मात्रा में मिट्टी जरूर लाते हैं और इस मिट्टी को स्थानीय मिट्टी में मिलाकर मूर्तियां बनाते हैं।

Posted By: Jagran