सिद्धार्थनगर : निर्भया कांड पर आए फैसले को सभी सराहा। महिलाओं में कानून के प्रति भरोसा बढ़ा। वहीं फांसी की सजा के बाद अपराधियों के मन में डर समाएगा। प्रबुद्ध वर्ग ने न्यायालय के इस फैसले को सही ठहराते हुए कानून की दुहाई दी।

यह फैसला उन लोगों के लिए कड़ा सबक है, जो बेखौफ होकर महिलाओं के अस्मत से खिलवाड़ करते हैं। इस फैसले से महिलाओं के मन में कानून के प्रति भरोसा पैदा होगा। इस घटना ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। फैसला आने के बाद सभी के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। जैसे वह निर्भया को सच्ची श्रद्धाजंलि अर्पित कर रहे हों।

आशीष पांडेय

अधिवक्ता दुष्कर्म मानवता के खिलाफ सबसे जघन्य व नृशंस अपराध की श्रेणी में है। निर्भया के चारो दोषियों के डेथ वारंट पर सुप्रीम कोर्ट ने मोहर लगाई। यह फैसला समाज के प्रत्येक अराजकतत्वों के लिए एक कड़ा संदेश के समान हैं। फैसले से आज निर्भया जैसी व हर बेटी की आत्मा को सुकून देने वाला न्याय व सच्ची श्रद्धांजलि है।

अजय तिवारी

प्रवक्ता वाणिज्य संकाय निर्भया के चारों दोषियों की फांसी की स•ा सुनाने व डेथ वारंट पर मोहर लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करती हूं। यह मौका निर्भया की मां, जिन्होंने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी, उनको सलाम करने का है। आज देश की बेटी निर्भया को वास्तव में सच्चा न्याय मिला है।

गुड़िया तिवारी

शिक्षिका निर्भया के दोषियों को डेथ वारंट जारी होने के बाद लोगों में न्याय के प्रति विश्वास जगाने का काम किया है। न्यायपालिका में भरोसा रखने वाले प्रत्येक नागरिक को इस फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए। इस फैसले से समाज में यह संदेश जाना जरूरी है कि हम देश को महिलाओं के लिए बेहतर स्थान बनाने का प्रयास करे।

नीलम मिश्रा

गृहणी

Posted By: Jagran

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