नेपाल में 17 हजार बच्चों पर मानव तस्करी का गंभीर खतरा, नेपाली मंत्रालय ने की सतर्कता बरतने की अपील
नेपाल में बाढ़ से प्रभावित 17,000 बच्चों पर मानव तस्करी का खतरा मंडरा रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां ...और पढ़ें

HighLights
नेपाल बाढ़ से 17,000 बच्चे प्रभावित, मानव तस्करी का खतरा।
भारत-नेपाल सीमा पर बच्चों की आवाजाही पर विशेष निगरानी।
बाढ़ में 250 विद्यार्थी-शिक्षक लापता, 23 स्कूल क्षतिग्रस्त।
कृष्ण पाल सिंह, सिद्धार्थनगर। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी की विनाशकारी बाढ़ ने हजारों परिवारों को उजाड़ दिया है। यूनिसेफ के अनुसार, आपदा ने करीब 17 हजार बच्चों को प्रभावित किया है। 27 अगस्त को यूनीसेफ ने यह आंकड़े जारी किये हैं। इनमें कई अपने माता-पिता, भाई-बहन और अन्य स्वजन से बिछड़ गए हैं।
आश्रय स्थलों में रह रहे ऐसे बच्चों के सामने बीमारी, कुपोषण और शोषण के साथ अब मानव तस्करी का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बहाने उनके सीमा पार गलत हाथों में पहुंचने की आशंका ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में परिवार से अलग और लापता बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण उनकी पहचान और सुरक्षित पुनर्वास बड़ी चुनौती बन गई है। इसी परिस्थिति का लाभ तस्कर उठा सकते हैं। भारत-नेपाल की खुली सीमा को देखते हुए सीमा क्षेत्र में बच्चों की आवाजाही पर विशेष निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है।
खासकर बिना अभिभावक के बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों की पहचान और उनके संबंधों की पड़ताल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूनिसेफ के अनुसार बाढ़ प्रभावित बच्चों को अस्थायी शिक्षण केंद्र, शिक्षण सामग्री और मनोसामाजिक परामर्श की जरूरत है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार परिषद की अनुमति से ही
परिवार से अलग हुए बच्चों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें स्वजन से मिलाने की प्रक्रिया भी चल रही है। नेपाल के महिला, बालबालिका एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्रालय ने बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
मंत्रालय का कहना है कि स्थानीय निकाय के बाल कल्याण अधिकारी की सिफारिश और राष्ट्रीय बाल अधिकार परिषद की अनुमति के बिना बच्चों को दूसरे स्थान पर ले जाने से रोकना जरूरी है। आपदा की आड़ में बच्चों को सीमा पार ले जाने की आशंका को देखते हुए भारतीय क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।
सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), पुलिस और बाल संरक्षण से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर संदिग्ध व्यक्तियों तथा अकेले बच्चों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। राहत सामग्री या सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के नाम पर बच्चों को ले जाने वालों की भी जांच जरूरी है।
250 विद्यार्थी-शिक्षक लापता
नेपाल शिक्षा मंत्रालय के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार बाढ़ में 250 विद्यार्थी और शिक्षक लापता हैं। इनमें 230 विद्यार्थी हैं। 17 विद्यार्थियों के बह जाने की पुष्टि हुई है। लापता 19 शिक्षकों में से 10 के बह जाने की जानकारी है, जबकि एक शिक्षक का शव बरामद किया जा चुका है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों के 23 विद्यालयों को नुकसान पहुंचा है। इनमें नुवाकोट के आठ और रसुवा के सात विद्यालय शामिल हैं। मंत्रालय के सूचना अधिकारी वीरबहादुर धामी के अनुसार आंकड़े लगातार अद्यतन किए जा रहे हैं।
सीमा पर मानव तस्करी रोकने के लिए जवान सक्रिय हैं। हर संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। संदेह होने पर गहन पूछताछ की जा रही है।
-संजय केपी, सहायक कमांडेंट, एसएसबी 50वीं वाहिनी
