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सिद्धार्थनगर से दिल्ली जाने के लिए निकली मां-बेटी, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कार ने रौंदा, दोनों की मौत

Published: Fri, 29 May 2026 03:07 PM (IST)

सिद्धार्थनगर से दिल्ली जा रही मां-बेटी की आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। इटावा जिले में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सिद्धार्थनगर की मां-बेटी की एक्सप्रेसवे पर मौत।

  2. इटावा में बस से उतरते समय कार ने रौंदा।

  3. पुलिस ने कार चालक को हिरासत में लिया।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। गर्मी की छुट्टियां बिताने के बाद पति के पास दिल्ली जाने निकली मां-बेटी की आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार तड़के इटावा जिले के उसराहार क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी बस से उतरकर शौच के लिए गईं, बांसी कोतवाली क्षेत्र के खोजीपुर गांव की 50 वर्षीय कुसुम और उनकी 13 वर्षीय पुत्री अंजली को तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांव और स्वजन में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार खोजीपुर निवासी गौरीशंकर चौरसिया दिल्ली में भंगार का काम करते हैं। उनकी पत्नी कुसुम सबसे छोटी बेटी अंजली के साथ सिद्धार्थनगर से स्लीपर बस द्वारा दिल्ली जा रही थीं। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 128+900 पर बस चालक ने वाहन सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकने पर कई यात्री नीचे उतर गए।

इसी दौरान कुसुम और अंजली अंधेरे में डिवाइडर की ओर चली गईं। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार वैगनआर कार ने दोनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सैफई भेज दिया। पुलिस ने कार चालक हर्ष पांडे निवासी फतेहपुर को हिरासत में लेकर वाहन को कब्जे में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चालक ने निर्धारित टोल प्लाजा अथवा सुरक्षित स्थान के बजाय एक्सप्रेसवे किनारे बस रोक दी थी, जिससे यात्री नीचे उतर गए और हादसा हो गया।

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गांव वालों के अनुसार कुसुम की छह बेटियां हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बेटियां अपने पिता के साथ दिल्ली में रहती हैं। अंजली सबसे छोटी थी और मां के साथ गांव में रहती थी। घटना की सूचना मिलते ही गौरीशंकर दिल्ली से इटावा के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार दोपहर तक खोजीपुर गांव में घटना की जानकारी पहुंची तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर पर ताला लटका है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।