सिद्धार्थनगर : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि दिनेश सिंह अपने संघर्षों के बल पर जमीन से उठे। प्रदेश के राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। क्षेत्र को पुल-पुलिया, पानी, सड़क, बिजली से आच्छादित कर दिया। वह विकास पुरुष थे। उनके निधन के तेरह वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब भी पूरे जिले को उनकी कमी महसूस होती है। उनके जीवन से सबको संघर्ष सीखना चाहिए।

माता प्रसाद पूर्व मंत्री दिनेश सिंह के बारहवीं पुण्यतिथि के दिन उनके आवास के बगल स्थित स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पूर्व मंत्री के व्यक्तिव व उनके कराए गए विकास कार्यो की चर्चा की। उनके प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। दो मिनट मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व ब्लाक प्रमुख उग्रसेन प्रताप सिंह ने कहा कि मेरे पिता गरीबों, मजलूमों, शोषितों व वंचितों के मसीहा थे। वह अपने क्षेत्र व अपने लोगों से बेहद करीब थे। जनता की समस्या को अपनी समस्या समझते थे। तत्कालीन सपा सरकार में सैफई व रामपुर के बाद सर्वाधिक धन शोहरतगढ़ विधानसभा में आया। जहां पैदल जाने का रास्ता नहीं था वहां आज चार पहिया व बड़े वाहन फर्राटा भरते हैं। पूर्व राज्य सभा सदस्य आलोक तिवारी ने कहा कि सपा सरकार में दिनेश सिंह ने सपा सरकार में क्षेत्र का जो विकास किया वह किसी भी सरकार में नहीं हुआ। पूर्व विधायक लालमुन्नी सिंह, डा जितेंद्र प्रताप सिंह, लालजी यादव, अजय चौधरी, विजय पासवान, अनिल सिंह ,वीरेंद्र तिवारी, चमन आरा राईनी, निसार बागी, हरिनरायन यादव, कामता यादव, धीरेन्द्र यादव, बलराम चौरसिया, रामू यादव, गोपाल प्रसाद, गुड्डू सिंह, वृजमोहन, राम अचल यादव, मदन मोहन सिंह, डब्लू सिंह, अम्बिकेश श्रीवास्तव, कमाल खा, विभा शुक्ला, अनुरुद्ध यादव, सदानंद उपाध्याय, अभिषेक उपाध्याय, सुनील यादव आदि ने अपने विचार रखे।

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