कानपुर में नकली सीमेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़, सिद्धार्थनगर के ठेकेदार हुए सतर्क
कानपुर में नामी कंपनियों के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश होने के बाद सिद्धार्थनगर के ठेकेदारों में चिंता बढ़ गई है।
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एआई जनरेटेड तस्वीर।
HighLights
कानपुर में नकली सीमेंट फैक्ट्री का बड़ा पर्दाफाश हुआ।
सिद्धार्थनगर के ठेकेदारों में निर्माण गुणवत्ता पर चिंता बढ़ी।
लखनऊ एयरपोर्ट, सीएम ग्रिड में नकली सीमेंट आपूर्ति का आरोप।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। कानपुर में नामी कंपनियों के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश होने के बाद सिद्धार्थनगर जिले के ठेकेदारों और निर्माण कार्यों से जुड़ी फर्मों की चिंता बढ़ गई है। सिद्धार्थनगर जिले में करीब 3 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन्हें पूरा कराने में लगभग चार से पांच हजार ठेकेदार जुटे हैं।
फिलहाल जिले में नकली सीमेंट की आपूर्ति को लेकर किसी फर्म की शिकायत नहीं आई है। ठेकेदारों का कहना है कि वे अधिकृत माध्यमों से सीमेंट खरीदते हैं, लेकिन कानपुर की घटना के बाद सतर्कता बढ़ गई है। ठेकेदार मनोज पोद्दार ने बताया कि वे सीधे कंपनी से सीमेंट मंगाते हैं और उन्होंने कभी कानपुर से सीमेंट नहीं खरीदा। ठेकेदार शुभम के अनुसार, उनकी फर्म में नॉन ट्रेडिंग सीमेंट की आपूर्ति होती है।
ठेकेदारों का कहना है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता। नकली सीमेंट से भवनों, सड़कों और अन्य संरचनाओं की मजबूती प्रभावित होने का खतरा है। इसलिए खरीद के स्रोत और सामग्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
लखनऊ एयरपोर्ट और सीएम ग्रिड के निर्माण में आपूर्ति का आरोप
कानपुर के पनकी स्थित इस्पात नगर में पुलिस ने छापेमारी कर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। मौके से एक हजार से अधिक भरी और तीन हजार से अधिक खाली सीमेंट की बोरियां बरामद की गईं। मामले में फैक्ट्री के मुंशी राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। संचालक नीरज गुप्ता, धीरज गुप्ता और साझेदार सुनील मित्तल व निशांत मित्तल की तलाश की जा रही है।
आरोप है कि नकली सीमेंट की आपूर्ति लखनऊ एयरपोर्ट के निर्माण कार्य, सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों और अन्य परियोजनाओं में की गई।
गुणवत्ता पर निगरानी जरूरी
सिद्धार्थनगर में सड़क, भवन और अन्य विकास कार्यों की बड़ी संख्या के चलते निर्माण सामग्री की गुणवत्ता अहम है। नकली सीमेंट का मामला सामने आने के बाद खरीद और आपूर्ति को लेकर ठेकेदारों में चर्चा तेज है। अधिकृत विक्रेताओं से सीमेंट खरीदना, पक्का बिल लेना, बोरियों पर दर्ज विवरण जांचना और आपूर्ति के दस्तावेज सुरक्षित रखना जरूरी है। जिले में फिलहाल नकली सीमेंट की आपूर्ति का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन कानपुर की घटना ने निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को सतर्क कर दिया है।
