सिद्धार्थनगर: जिले के प्रसिद्ध कालानमक चावल की खुशबू पूरी दुनिया में फैलेगी। इसे एक और पहचान मिली है। एक जिला-एक उत्पाद में चयनित कालानमक चावल अब आनलाइन मार्केटिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के माध्यम से घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। सोमवार को अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग नवनीत सहगल ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाई और जिलाधिकारी दीपक मीणा व सीडीओ पुलकित गर्ग ने संयुक्त रूप से कलेक्ट्रेट परिसर से फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए ढाई क्विंटल चावल की पहली खेप रवाना की।

आनलाइन बाजार में उपलब्ध कराने के लिए जिले के एक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) ने अहम भूमिका निभाई है। चावल एक व पांच किलो के पैक में उपलब्ध होगा। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने फ्लिपकार्ट के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक भी की और कालानमक चावल के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध के समय से कालानमक का इतिहास जुड़ा है। प्रदेश सरकार ने एक जनपद एक उत्पाद योजना में इसे चयनित किया। एक वर्ष में इसे वैश्विक पहचान मिलने लगी है। कालानमक की पैदावार कम होने व उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों का मोहभंग होने लगा था। यह सुखद है कि फ्लिपकार्ट ने हाथ बढ़ाया है। जिलाधिकारी ने कहा कि कंपनी ने प्रयोग के तौर पर ढाई क्विंटल चावल मंगाया है। क्वालिटी टेस्ट के बाद यह बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। चावल उपलब्ध कराते रहने के लिए एफपीओ कार्यकर्ता श्रीधर और कंपनी के बीच समझौता हुआ है। श्रीधर ने बताया है कि उनके पास करीब 40 टन चावल उपलब्ध है। बाजार में यह 100 से 120 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। खरीफ वर्ष 2019 में इसका रकबा 2805 हेक्टेयर था। 2020 में यह रकबा बढ़कर करीब पांच हजार हेक्टेयर हो गया है। वर्तमान बोआई वर्ष में दस हजार हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग ने बीज उत्पादन के लिए बर्डपुर क्षेत्र को चयनित किया है। इस मौके पर कंपनी के चीफ कार्पोरेट अफेयर्स आफिसर के अलावा रजनीश कुमार, प्रशांत, विनय, विमलेश कुमार, सूरज आदि मौजूद रहे।

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