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फिल्म 'पुष्पा' स्टाइल में भारत-नेपाल बॉर्डर पर चल रहा तस्करी का खेल, गाड़ियों में तहखाने बनाकर पहुंचाया जा रहा गांजा

Published: Mon, 26 Oct 2026 03:32 PM (IST)

भारत-नेपाल सीमा पर 'पुष्पा' फिल्म की तर्ज पर वाहनों में गुप्त तहखाने बनाकर गांजे की तस्करी बढ़ गई है। हाल ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. वाहनों में गुप्त तहखाने बनाकर गांजे की तस्करी

  2. नेपाल के गंडकी प्रांत से बढ़ रही गांजे की खेप

  3. भारत-नेपाल सीमा पर हाल ही में बड़ी बरामदगी

जितेन्द्र पाण्डेय, सिद्धार्थनगर। फिल्म पुष्पा-2 में दूध के बड़े-बड़े कंटेनरों के जरिये लाल चंदन की तस्करी दिखाई गई थी। कुछ इसी अंदाज में भारत-नेपाल सीमा पर वाहनों में गुप्त तहखाने बनाकर गांजे की तस्करी किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं।

नेपाल से आने वाले ट्रकों और एंबुलेंस में विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त खानों में गांजा छिपाकर भारतीय क्षेत्र में लाया जा रहा है। यहां से इसकी खेप दिल्ली, पंजाब और अन्य शहरों तक पहुंचाई जा रही है। पहले ओडिशा से देश के विभिन्न हिस्सों में गांजे की तस्करी की प्रमुख घटनाएं सामने आती थीं, लेकिन अब नेपाल से गांजे की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामले सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा रहे हैं।

नेपाल के गंडकी प्रांत में तीन अगस्त को औद्योगिक और चिकित्सीय उपयोग के लिए कड़े सरकारी नियमों के तहत गांजे की खेती को कानूनी मंजूरी दी गयी है। इसके पहले नौ जुलाई को प्रदेश सभा ने विधेयक पारित किया था। प्रांत के सभी 11 जिलों की जलवायु इसकी खेती के अनुकूल मानी जाती है। हालांकि, नेपाल में 1976 के नारकोटिक ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत गांजे के व्यक्तिगत सेवन और खुले व्यापार पर प्रतिबंध है।

पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में यह पौधा प्राकृतिक रूप से भी उगता है। ऐसे में गंडकी सहित दार्चुला और अन्य पश्चिमी व उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों से गांजे की तस्करी की आशंका जताई जा रही है। चिकित्सा और औद्योगिक उपयोग के नाम पर होने वाली गतिविधियों की आड़ में गांजे की तस्करी की जा रही है।

24 जून को डिड़ई थाना पुलिस ने बांसी-बस्ती मार्ग स्थित टोल प्लाजा के पास 162 किलो गांजा बरामद किया था। इसे नोएडा ले जाने की तैयारी थी। गांजा कहां से लाया गया था, इसका स्रोत स्पष्ट नहीं हो सका। नेपाल की निकटता के कारण इसकी खेप सीमा पार से आने की आशंका जताई गई थी।

इस आशंका को बल 18 अक्टूबर को मिला। सोनौली मार्ग से गांजे की बड़ी खेप लाए जाने की सूचना पर राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने कार्रवाई कर 591.3 किलो गांजा बरामद किया। इसकी अनुमानित कीमत तीन करोड़ रुपये बताई गई।

ट्रक में बोनट के ऊपर और चालक की सीट के पीछे गुप्त चैंबर बनाकर 81 पैकेट छिपाए गए थे। 12 सितंबर को रेलवे सुरक्षा बल ने गोरखपुर में दो ट्रेनों से 18 किलो गांजा बरामद किया था। 19 अक्टूबर को नेपाल के सुनसरी जिले में दुहबी नगरपालिका-6 में बुढ़ी नदी के किनारे एक एंबुलेंस से 574.87 किलो गांजा मिला।

चालक फरार हो गया। इसके अलावा वराहक्षेत्र नगरपालिका-2 में भारतीय पंजीकरण वाली एंबुलेंस से 148 किलो गांजा बरामद किया गया। प्लास्टिक की बोरियों में छिपाकर इसे सीमा पार ले जाया जा रहा था। मामले में बिहार के सुपौल जिले के दो भारतीय नागरिक गिरफ्तार किए गए।

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इन घटनाओं ने तस्करी में सामान्य दिखने वाले वाहनों के दुरुपयोग और सीमा पार सक्रिय गिरोहों की भूमिका की जांच को महत्वपूर्ण बना दिया है। दिल्ली और पंजाब में मांग के कारण इन क्षेत्रों तक खेप पहुंचायी जा रही है।

नेपाल सीमा पर कस्टम पूरी तरह से अलर्ट रहती है। इसकी देन है कि समय-समय पर बड़ी बरामदगी भी हो रही है। पिछले वर्ष सितंबर में खुनुवा में 14 किलो गांजा बरामद हुआ था। अभी हाल में बड़े पैमाने पर तरबूत के बीज की बरामदगी हुई है।- अनिल सिंह, कस्टम अधीक्षक खुनुवा