सिद्धार्थनगर : नवसृजित नगर पंचायत भारतभारी का गठन हुआ तो 17 ग्राम पंचायत के लोगों के चेहरों की खुशी देखते ही बनती थी। उनका मानना था कि अब उनकी स्थिति ग्राम पंचायत के मुकाबले बेहतर होगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कड़ाके की ठंड में यहां शहरी आवास योजना के लिए डूडा ने कैंप लगाया। 3400 लोगों ने आवेदन किया, उम्मीद थी कि सभी को योजना का लाभ मिलेगा और पक्की छत मयस्सर होगी। लेकिन जारी पहली सूची में सिर्फ 193 लोगों को ही पहली किश्त मिली, जिससे बाकी पात्रों में निराशा है। लोगों का आरोप है कि अधिकांश ऐसे लोगों को योजना का लाभ दिया गया है, जो कहीं से पात्रता की श्रेणी में नहीं आते।

भारतभारी नगर पंचायत के गठन को एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन अभी भी यहां के लोगों को सुविधा का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां विकास के नाम पर सिर्फ स्ट्रीट लाइटें ही लग सकी हैं। गोशाला, कूड़ा निस्तारण और शुद्ध पेयजल की दरकार यहां अभी भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों को आस प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना को लेकर थी, जिसके आवेदन कैंप का शुभारंभ दिसंबर 2020 में खुद विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने किया था। स्थानीय लोगों ने बढ़- चढ़कर आवेदन भी किया। जेई डूडा और नगर पंचायत की ओर से सर्वे कार्य भी पूरा हुआ, लेकिन जब नगर पंचायत की पहली सूची जारी हुई तो सिर्फ 193 लोगों को ही योजना के लाभ योग्य समझते हुए पहली किश्त अवमुक्त की गई, जिससे अन्य पात्रों में निराशा है। नगर पंचायत के पंकज पांडेय, सचिन, सफातुल्लाह अली, दधीचिमुनि पांडेय, फूलचंद्र गौड़, शशि भूषण आदि लोगों का कहना है कि पहली सूची में अधिकतर अपात्र लोगों को लाभ दिया गया है, जिनके पास पहले से ही पक्के मकान उपलब्ध हैं। पीओ डूडा चंद्रभान ने कहा कि अगर आपात्रों को योजना का लाभ दिया गया है तो जांच कर रिकवरी कराई जाएगी। पात्रों को लाभ पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है।

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